'जिन्हें हम पसंद, वे भी मानते हैं…’ संसद सत्र से पहले PM मोदी ने कही 5 अहम बातें, बीटिंग रिट्रीट की अहमियत भी बताई
बजट सत्र के दूसरे दिन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया है, जिसे आलोचक भी स्वीकार करते हैं. उन्होंने बताया कि भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफी से दुनिया को बड़ी उम्मीदें हैं. इसके साथ ही पीएम ने बीटिंग रिट्रीट को गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन और सैन्य विरासत का प्रतीक बताया.
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संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा की हमारी सरकार की पूरी कोशिश होती है कि देश के हर व्यक्ति तक पहुंचे. सरकार की हर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया है. इस बात को खुद हमें नापसंद करने वाले भी मानते हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफ़ी दोनों से दुनिया को बहुत ही ज़्यादा उम्मीद है. इसके अलावा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है. इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास को बताता है. यह भाषण सांसदों के लिए दिशा और प्रेरणा देने वाला रहा. सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति ने सांसदों से जो अपेक्षाएं रखीं, प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी जनप्रतिनिधियों ने उन्हें पूरी गंभीरता से लिया होगा. आइए जानते हैं इससे जुड़ी 5 अहम बातें.
1. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र बेहद अहम है, क्योंकि इसी दौरान देश का बजट पेश किया जाता है. 21वीं सदी का पहला चरण अब पूरा होने की ओर है और दूसरा चरण शुरू हो रहा है. 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 25 साल निर्णायक होंगे. यह शताब्दी के दूसरे क्वॉर्टर का पहला बजट होगा. खास बात यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है.
2. यूरोपियन यूनियन के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे देश के मैन्युफैक्चरर्स को बड़ा फायदा मिलेगा. उन्होंने इसे भारत के लिए एक अवसर बताया और कहा कि खुले बाजार में टिके रहने का सबसे बड़ा मंत्र गुणवत्ता है. बेहतर क्वॉलिटी के साथ ही वैश्विक बाजार में मजबूती से कदम रखा जा सकता है.
3. पीएम मोदी ने कहा कि अगर भारतीय कंपनियां गुणवत्ता पर फोकस करती हैं, तो यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के उपभोक्ताओं से न सिर्फ आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि भरोसा और सम्मान भी हासिल होगा. इसका असर लंबे समय तक देखने को मिलेगा. इससे कंपनियों के साथ-साथ देश के ब्रांड की छवि भी वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर आधारित है और देश तेजी से सुधारों की राह पर आगे बढ़ रहा है.
4. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब लंबे समय से अटकी समस्याओं से बाहर निकलकर स्थायी और दूरगामी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सरकार के हर फैसले के केंद्र में देश की प्रगति है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि फैसले मानव केंद्रित हों. तकनीक को अपनाया जा रहा है, लेकिन मानवीय मूल्यों को कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है.
5. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की आलोचना करने वाले लोग भी यह स्वीकार करते हैं कि इस शासन ने अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया है. उन्होंने भरोसा जताया कि यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और विशाल जनसंख्या दुनिया के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण है.
Speaking at the start of the Budget Session of Parliament. May both Houses witness meaningful discussions on empowering citizens and accelerating India’s development journey. https://t.co/tGqFvc4gup
— Narendra Modi (@narendramodi) January 29, 2026
PM Modi ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'आज शाम बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होगा. यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है. इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी। देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें अत्यंत गर्व है.' उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया, जिसमें एक योद्धा के जीत की ओर बढ़ते समय ज्ञान और सम्मान पर जोर दिया गया है. उन्होंने लिखा, 'एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि. अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि॥.' सुभाषित में कहा गया है, "हे वीर, तुम्हारा क्रोध विवेकपूर्ण होना चाहिए. तुम हजारों में एक शूरवीर हो. सम्मान के साथ अपने लोगों को तुम शासन करना व युद्ध करना सिखाओ. तुम्हारे साथ हम लोग विजय प्राप्ति के लिए जयघोष करना चाहते हैं.'
विजय चौक पर होगी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी
बता दें कि बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी 29 जनवरी को विजय चौक में आयोजित की जाएगी. विजय चौक पर यह आयोजन भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा. इस खास अवसर पर भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड अपनी मनमोहक और देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों का प्रदर्शन करेंगे. बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और आम लोग मौजूद रहेंगे.
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गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के औपचारिक कार्यक्रम तीन दिन बाद 29 जनवरी को संपन्न होते हैं. इसे 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह कहा जाता है, यह विजय चौक पर होता है और गणतंत्र दिवस समारोह के औपचारिक समापन का प्रतीक है. 'बीटिंग रिट्रीट' सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सूर्यास्त के समय 'रिट्रीट' की ध्वनि बजने पर सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियारों को म्यान में रख लेते थे और युद्ध के मैदान से हटकर शिविरों में वापस लौट जाते थे.
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