'दंगाइयों के हमदर्द थे जातिवादी और परिवारवादी', CM योगी का विपक्ष पर करारा प्रहार, कहा- बीमारू नहीं, ब्रेकथ्रू राज्य की UP की पहचान
CM योगी ने यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करने वाले तत्वों पर करारा हमला बोला है. उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दंगाइयों के हमपरस्त थे जातिवादी और परिवारवादी. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब ‘बीमारू’ की नहीं, बल्कि ‘ब्रेकथ्रू’ राज्य की बन चुकी है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ से अब ‘ब्रेकथ्रू’ राज्य की पहचान बना चुका है. इस पहचान की नई रीकोडिंग की ओर प्रदेश आगे बढ़ चुका है. प्रदेश की इस नई पहचान को जातिवादी और परिवारवादी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. ये वही जातिवादी और परिवारवादी हैं, जो दंगाइयों के हमपरस्त थे.
CM योगी ने किया खजांची चौराहा फ्लाईओवर और बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण
सीएम योगी मंगलवार को 96.50 करोड़ रुपये की लागत से बने खजांची चौराहा फ्लाईओवर तथा 152.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले खजांची चौराहा जाकर शिलापट्ट का अनावरण किया और फीता काटकर नवनिर्मित फ्लाईओवर का लोकार्पण किया. इसके बाद वह बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज पहुंचे और इस सेतु को जनता को समर्पित किया.
'पैसा लिए हो तो कुछ तो उपद्रव करो'
रेल ओवरब्रिज के समीप आयोजित लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बन गया है. सुदृढ़ कानून व्यवस्था से यहां दंगाई बिल में घुस चुके हैं. जो रह गए थे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर प्रदेश को दंगामुक्त कर दिया गया है. इससे दंगाइयों के जितने भी सरपरस्त और हमदर्द थे, वे सभी परेशान हो गए हैं, क्योंकि उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ा है. विकास प्रक्रिया से परेशान जातिवादी और परिवारवादी लोगों ने अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया. दंगाइयों के आका उन्हें पीछे से धकियाते थे कि उपद्रव करो. पर उपद्रव करने वाले जानते हैं कि प्रदेश सरकार उपद्रव की हरकतों पर कैसा व्यवहार करती है.
'विपक्ष के दौर में भय, आतंक, उपद्रव का था राज'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि तब राज्य में भय, आतंक और उपद्रव का माहौल था. अराजकता थी, बीमारी थी, दंगे थे. न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी. जनता जानती है कि इसके जिम्मेदार कौन लोग थे. ये वही लोग थे, जो जाति की राजनीति करते थे. जाति के नाम पर सिर्फ अपने परिवार की बात करते थे.
पीएम मोदी के नेतृत्व में यूपी समस्या नहीं समाधान की बात करता है यूपी: CM
नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता था. उन्हीं लोगों ने प्रदेश और यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2017 के बाद का उत्तर प्रदेश समस्या नहीं, बल्कि समाधान की बात करता है. आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए विकास यात्रा को अनवरत जारी रखना और सुरक्षा के माहौल को मजबूत रखना आवश्यक है.
'निवेश की बहार, नौकरी की गारंटी'
सीएम योगी ने कहा कि सुरक्षा का बेहतर माहौल और अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर देकर डबल इंजन सरकार ने निवेश की बहार लाई है. स्केल को स्किल में बदलकर युवाओं को उनके क्षेत्र में ही रोजगार और नौकरी दी जा रही है. प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और डेढ़ करोड़ नौजवानों को रोजगार की गारंटी, विकास के ठोस दस्तावेज हैं. इस परिप्रेक्ष्य में गोरखपुर का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गीडा से धुरियापार तक उद्योगों की लंबी श्रृंखला खड़ी हो रही है. इससे स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिल रहा है.
'माफिया, मच्छर नहीं अब वर्ल्ड क्लास सड़कें गोरखपुर की पहचान'
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के विकास की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि गोरखपुर की पहचान अब माफिया, मच्छर और इंसेफेलाइटिस से नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास सड़कों से है. हर तरफ फोरलेन कनेक्टिविटी, लिंक एक्सप्रेसवे, निवेश का गंतव्य गीडा, खाद कारखाना और एम्स—ये सब गोरखपुर की नई पहचान में शामिल हैं. गोरखपुर में फोरलेन सड़कों के बारे में पहले कोई सोचता तक नहीं था.
आज गोरखपुर एयरपोर्ट से सोनौली तक, लखनऊ और वाराणसी तक फोरलेन सड़कें हैं. लखनऊ और वाराणसी जाने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का भी मार्ग है. गोरखपुर का रामगढ़ताल, जो कभी माफिया और मच्छरों के पनपने का केंद्र था, आज शहर को नई पहचान दे रहा है. आज का गोरखपुर स्किल के नए केंद्र के रूप में विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान दे रहा है.
'अब विकास किसी एक क्षेत्र में किसी परिवार की विरासत नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विकास किसी एक क्षेत्र में किसी परिवार की विरासत बनकर नहीं रहेगा. हर क्षेत्र और हर जिले का विकास होगा. गोरखपुर जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी नजर आएगा. सीएम योगी ने बताया कि पहले प्रयागराज के माघ मेले में 10 से 15 लाख की संख्या में कल्पवासी आते थे. डबल इंजन सरकार में सुरक्षा और सुविधा की गारंटी मिलने के बाद इस बार प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ और वसंत पंचमी पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई.
विकास और गरीबों की सेवा के लिए संकल्पित डबल इंजन सरकार: रवि किशन
फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज के लोकार्पण समारोह में सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी की डबल इंजन सरकार विकास के साथ-साथ गरीबों, वंचितों और शोषितों की सेवा के लिए संकल्पबद्ध है. 25 करोड़ आबादी वाले प्रदेश को संभालने के लिए जो ताकत चाहिए, वह योगी जी में है. भय के कारण साजिश और कूटनीति करने वाले भूल जाते हैं कि मोदी और योगी जैसे संतों को किसी से भय नहीं होता.
लोकार्पण समारोह में मौजूद रहे कई दिग्गज, अधिकारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में गोरखपुर के विकास को नया आयाम मिला है. उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से नगर निगम की उपलब्धियों और चल रही कार्ययोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी. इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, सरवन निषाद, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
क्या कुछ खास है बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज?
आपको बता दें कि बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज करीब एक किलोमीटर लंबा है. बरगदवा चौराहे से जेल रोड पर नकहा जंगल-मानीराम स्टेशनों के मध्य समपार संख्या 5A पर रेल उपरिगामी सेतु (ओवरब्रिज) के निर्माण पर 152.19 करोड़ रुपये की लागत आई है. करीब एक किलोमीटर (1092 मीटर) लंबे इस ओवरब्रिज से रेलवे समपार फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी और महानगर के उत्तरी हिस्से का यातायात सुगम व बेहतर होगा.
महाराजगंज जाने वाले यात्रियों को होगी आसानी
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज होते हुए महाराजगंज जाने वाले यात्रियों की राह भी आसान होगी. इसी तरह, 96.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खजांची चौराहा फ्लाईओवर की लंबाई 605 मीटर है. यह फ्लाईओवर जेल बाईपास को स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है. इस फ्लाईओवर से कौवाबाग से खजांची चौराहा होते हुए फर्टिलाइजर कारखाना और सोनौली रोड जाना आसान और सुगम हो जाएगा.
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