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ये यूपी-बिहार नहीं... महाराष्ट्र में बुलडोजर कल्चर नहीं चलेगा, हाईकोर्ट ने दी सख्त चेतावनी, प्रशासन की लगाई फटकार

High Court: हाई कोर्ट ने स्प्ष्ट किया कि महाराष्ट्र में यूपी या बिहार की तरह बुलडोजर की संस्कृति नहीं आने दी जानी चाहिए.  कोर्ट ने यह भी कहा कि घर बनाना आसान काम नहीं होता. लोग अपने जीवन की पूरी मेहनत ओर पैसा लगाकर घर बनाते हैं. ऐसे में अचानक घर तोड़ देना मनमाना ओर गलत है.

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High Court: हाल ही में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बुलडरोजर चलाने के मामलों पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बहुत सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि किसी के घर को अचानक बुलडोजर से  ढहाना सही नहीं है. हाई कोर्ट ने स्प्ष्ट किया कि महाराष्ट्र में यूपी या बिहार की तरह बुलडोजर की संस्कृति नहीं आने दी जानी चाहिए.  कोर्ट ने यह भी कहा कि घर बनाना आसान काम नहीं होता. लोग अपने जीवन की पूरी मेहनत ओर पैसा लगाकर घर बनाते हैं. ऐसे में अचानक घर तोड़ देना मनमाना ओर गलत है.

मामला AIMIM पार्षद मतीन पटेल से जुड़ा

यह मामला AIMIM पार्टी के पार्षद मतीन पटेल और एक स्थानीय निवासी हनीफ खान की संपत्ति से जुड़ा है. नगर निगम ने 13 मई को उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया. इसके बाद पीड़ित पक्ष ने सीधे हाईकोर्ट का रुख किया.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि नगर निगम ने संपत्ति ढहाने के नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया. कोर्ट ने कहा कि किसी भी संपत्ति को ढहाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार मालिक को 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है. ताकि मालिक अपने पक्ष में बात कर सके या कोर्ट से रोक लगाने की अपील कर सके. लेकिन संभाजीनगर नगर निगम ने इस नियम का पालन नहीं किया. हाईकोर्ट ने इसे कानून का उल्लंघन कहा.

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सुरक्षा नियमों का पालन नहीं

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हाईकोर्ट ने यह भी नोट किया कि बुलडोजर चलाते समय जरूरी सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया. यह एक गंभीर बात है क्योंकि ऐसी कार्रवाई में लोग चोटिल भी हो सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को नियमों और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

निदा खान को शरण देने का आरोप

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इसके पहले नगर निगम ने मतीन पटेल के घर और अन्य संपत्तियों को कथित अवैध निर्माण के नाम पर ढहाया था. अधिकारियों ने बताया कि मतीन पटेल पर आरोप है कि उन्होंने नासिक मामले की आरोपी निदा खान को शरण दी थी.
निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस का दावा है कि मतीन पटेल ने उसे अपने घर में रखा था. यही कारण था कि नगर निगम ने बुलडोजर चलाया.

कोर्ट की चेतावनी

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कहा कि किसी के घर को मनमाने ढंग से नहीं तोड़ा जा सकता. महाराष्ट्र में बुलडोजर चलाने की यह संस्कृति नहीं आने दी जाएगी. कोर्ट ने प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन करने और लोगों के अधिकारों का सम्मान करने की चेतावनी दी.

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