दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026, साहित्य, संस्कृति और समृद्धि का तीन दिवसीय महोत्सव
दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि डीएलएफ जैसे मंच गहन चिंतन और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूती देते हैं. हमने 'जेन-जी' के लिए शालिनी पासी जैसी हस्तियों के साथ विशेष सत्र तैयार किए हैं, ताकि नई पीढ़ी को भी साहित्य और संवाद की दुनिया से जोड़ सकें.
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दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल (डीएलएफ) का 14वां संस्करण 6 से 8 फरवरी 2026 तक जनपथ स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में आयोजित किया जाएगा. 'साहित्य, संस्कृति और समृद्धि' की थीम पर आधारित यह महोत्सव विचारों, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भारत का एक समावेशी मंच है. केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 6 फरवरी को शाम 6 बजे इसकी शुरुआत करेंगे.
परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद
भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित लेखक, विचारक, कवि, नीति निर्माता, कलाकार और युवा प्रतिभाओं को एक साथ लाकर, दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल (डीएलएफ) परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद को बढ़ावा देता है. विभिन्न सत्रों, पठन, प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श के माध्यम से यह आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करता है, रचनात्मकता को निखारता है और एक जागरूक, सहानुभूतिपूर्ण और समृद्ध समाज में साहित्य और संस्कृति की भूमिका को उजागर करता है.
इस वर्ष की थीम इस बात पर जोर देती है कि 'साहित्य' और 'संस्कृति' ही समग्र 'समृद्धि' की आधारशिला हैं, जो केवल भौतिक संपत्ति तक सीमित नहीं, बल्कि बौद्धिक गहराई, सामाजिक सौहार्द और रचनात्मक समृद्धि तक फैली हुई है.
जेन-जी के लिए विशेष सत्र
आज के दौर में जब लोगों का किसी चीज पर ध्यान देने का समय कम होता जा रहा है, डीएलएफ 2026 गहन चर्चा और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्राथमिकता दे रहा है. इसके लिए 'जेन-जी' के लिए विशेष सत्र तैयार किए गए हैं, जिनमें शालिनी पासी और रिया शर्मा जैसे इन्फ्लुएंसर्स युवाओं से जुड़े प्रासंगिक विषयों पर अपनी बात रखेंगे.
दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि डीएलएफ जैसे मंच गहन चिंतन और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूती देते हैं. हमने 'जेन-जी' के लिए शालिनी पासी जैसी हस्तियों के साथ विशेष सत्र तैयार किए हैं, ताकि नई पीढ़ी को भी साहित्य और संवाद की दुनिया से जोड़ सकें.
प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
सम्मानित अतिथियों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के संस्कृति एवं पर्यटन कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज और राज्यसभा सांसद डॉ. मीनाक्षी जैन शामिल होंगी. मुख्य भाषण एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा, आईजीएनसीए के सदस्य सचिव और कार्यकारी एवं शैक्षणिक प्रमुख डॉ. सच्चिदानंद जोशी और दूरदर्शन के महानिदेशक के सतीश नंबुदिरिपद द्वारा दिए जाएंगे. साथ ही, यूनेस्को इंडिया के निदेशक और प्रतिनिधि श्री टिम कर्टिस का विशेष संबोधन होगा.
दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026 की आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि साहित्यिक उत्सव ऐसे मंच हैं जहां विचारों का मंथन होता है और दृष्टिकोण का विस्तार होता है. ये लेखक, विचारक और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति हमारे लिए सम्मान की बात है, और हम भविष्य में भी सरकार के इसी तरह निरंतर सहयोग की आशा करते हैं.
भारत-स्पेन सांस्कृतिक संवाद को मिलेगा वैश्विक आयाम
यह संस्करण भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जिसे 'भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का द्विपक्षीय वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है, जो सांस्कृतिक संवादों को वैश्विक गहराई प्रदान करता है. तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में कई सम्मानित हस्तियां शामिल होंगी, जिनमें भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, विनोद कुमार शुक्ल, आचार्य प्रशांत, राहुल पंडिता, शालिनी पासी, लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी, राहुल भट्टाचार्य, डॉ. मणि राव, नीलोत्पल मृणाल, और शंभू शिखर जैसे दिग्गज शामिल हैं.
विभिन्न सत्रों के माध्यम से साहित्य के कानून, अध्यात्म, पत्रकारिता, कला और सामाजिक विचारों से जुड़े अंतर्संबंधों पर गहन चर्चा होगी. यह आयोजन न केवल साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में दृष्टिकोण का विस्तार करेगा, बल्कि भारत और स्पेन के बीच सांस्कृतिक संवाद को और प्रगाढ़ बनाएगा.
विचारों का मंथन और साहित्यिक इको-सिस्टम
डॉ. अजय शर्मा ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि 2013 से पंजीकृत संस्था के रूप में दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल (डीएलएफ) जयपुर लिट फेस्ट की तरह ही उच्च गुणवत्ता वाले साहित्य को बढ़ावा देता है. हमारा उद्देश्य एक ऐसा दीर्घकालिक इको सिस्टम तैयार करना है, जहां विचारों और विमर्श का लगातार आदान-प्रदान हो सके.
उत्सव का समापन दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल ऑथर अवार्ड्स 2026 के साथ होगा. ये पुरस्कार 13 विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनके चयन के लिए प्रतिष्ठित लेखकों की एक निर्णायक मंडल (जूरी) बनाई गई है. यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाएगा जिन्होंने साहित्य और विचारशील नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान दिया है. अपनी व्यापक दृष्टि और मजबूत सांस्कृतिक मूल्यों के साथ डीएलएफ 2026 एक ऐतिहासिक विचारोत्सव का मंच प्रस्तुत करता है, जो साहित्य और संस्कृति की प्रासंगिकता को और सशक्त करते हुए एक विचारशील, संवेदनशील और समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान देगा.
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