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माघ मेला के चौथे स्नान पर्व-बसंत पंचमी पर संगम में 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने के साथ ही उन्हें सर्कुलेट करने के लिए पांटून पुलों में भी खास व्यवस्था की गई है. इसके अंतर्गत परेड से झूसी जाने के लिए पांटून पुल संख्या- 3, 5 और 7 का उपयोग आगंतुक कर सकते हैं जबकि झूंसी से परेड आने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6 रहेंगे.

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22 Jan 2026
( Updated: 23 Jan 2026
03:33 AM )
माघ मेला के चौथे स्नान पर्व-बसंत पंचमी पर संगम में 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने की मेला प्रशासन द्वारा तैयारी पूरी की जा चुकी है. बसंत पंचमी और अचला सप्तमी के आसपास पड़ने की वजह से संगम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और रूट डाइवर्जन की व्यवस्था लागू की है. बसंत पंचमी, अचला सप्तमी और सप्ताहांत के चलते  3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है.

सभी बुनियादी व्यवस्थाओं को किया गया पूरा

संगम किनारे चल रहे माघ मेले का चौथा स्नानपर्व बसंत पंचमी 23 जनवरी को है. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि गुरुवार की रात 2.28 बजे से पंचमी तिथि लग जाएगी जो अगले दिन 23 जनवरी को रात 1.56 तक रहेगी. इस पुण्य काल में श्रद्धालु त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पीले अन्न, पीले वस्त्र का दान आदि कर सकते हैं. 25 जनवरी को अचला सप्तमी का पर्व है जिसे पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी भी कहा जाता है. इस दिन अन्न भंडारे की परम्परा है. इस दौरान 24 जनवरी को सप्ताहांत दिवस के चलते तीनों दिन माघ मेला क्षेत्र में भीड़ रहेगी. माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी में सबसे अधिक श्रद्धालुओं के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने का प्रशासन का अनुमान है. बसंत पंचमी से लेकर अचला सप्तमी तक 3.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी के पावन जल में डुबकी लगा सकते हैं. मेला क्षेत्र में 3.5 किमी लंबाई में बनाए गए 24 घाट तैयार हैं. घाटों की सफाई व्यवस्था, नदियों में निर्मल जल की उपलब्धता से लेकर सभी बुनियादी व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है.

पांटून पुलों में एक तरफ से दूसरी तरफ आवागमन हेतु ऑड-इवेन की व्यवस्था

श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने के साथ ही उन्हें सर्कुलेट करने के लिए पांटून पुलों में भी खास व्यवस्था की गई है. इसके अंतर्गत परेड से झूसी जाने के लिए पांटून पुल संख्या- 3, 5 और 7 का उपयोग आगंतुक कर सकते हैं जबकि झूंसी से परेड आने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6 रहेंगे. आपात स्थिति के लिए बनाए गए पांटून पुल संख्या 1 और 2 में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा .

यातायात की सहूलियत को देखते हुए बसंत पंचमी पर नए यमुना पुल पर आवागमन बंद

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बसंत पंचमी पर्व पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मेला पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है. मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय का कहना है कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाट सुरक्षा एवं निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में प्रवेश से पहले ही दूसरे मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा. इसके लिए रूट डाइवर्जन व्यवस्था लागू की जा रही है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व पर 23 जनवरी को नया यमुना पुल बंद रहेगा. पुराने पुल से ही आवागमन हो सकेगा.

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