फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट भेजा मामला

देश की सर्वोच्च न्यायलय ने शुक्रवार को फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. अदालत ने इसे अब दिल्ली हाईकोर्ट के पास भेज दिया है.

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25 Jul 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:49 PM )
फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट भेजा मामला

उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर कोई रोक नहीं - सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि उसकी ओर से उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर कोई रोक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ⁠इस अदालत ने गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है. ⁠उचित आदेश पारित करना दिल्ली हाईकोर्ट पर निर्भर है. उदयपुर फाइल्स फिल्म राजस्थान के दर्जी कन्हैयालाल के मर्डर पर आधारित होने का दावा करते हुए इसका विरोध किया जा रहा है. 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली हाईकोर्ट भेजा है ⁠याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में दलीलें देने को कहा है. ⁠हाईकोर्ट से सोमवार को ही सुनवाई करने को कहा गया है. वहीं फिल्म निर्माता ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है. सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं को हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है. अदालत ने कहा कि सेंट्रल कमेटी के आदेश ने उनकी याचिका को निरर्थक बना दिया है.

विवादों से फिल्म को मिली अच्छी पब्लिसिटी - जस्टिस सूर्यकांत

सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने निर्माता के वकील से कहा, इन सभी विवादों ने फिल्म को अच्छी पब्लिसिटी दिलाई है. जितनी ज़्यादा पब्लिसिटी होगी, उतने ज्यादा लोग देखेंगे. मुझे नहीं लगता कि आपको नुकसान होगा. दरअसल निर्माता की ओर से गौरव भाटिया ने कहा था कि सेंसर बोर्ड और सरकार की मंजूरी के बावजूद मेरा सारा जीवन भर का निवेश बर्बाद हो गया.जस्टिस कांत ने कहा कि हम कोई स्थगनादेश नहीं दे रहे हैं, इस पर हाईकोर्ट विचार करेगा.

वहीं कपिल सिब्बल ने रोक लगाने की मांग करते हुए कहा, फिल्म को अभी इस रूप में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता. सोमवार को हाईकोर्ट में इसकी मेरिट पर सुनवाई होनी है.

मेरे 12 दिन बर्बाद हुए और पैसा भी - वकील गौरव भाटिया 

गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कृपया ये चार फैसले देखें, जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने स्टे हटाया है. अदालत को क्यों इस पर स्थगनादेश प्रदान करना चाहिए, इस पर वो हाईकोर्ट में बहस कर स्टे प्राप्त कर सकते हैं. मेरे पहले ही 12 दिन बर्बाद हो चुके हैं. इसपर जस्टिस कांत कहते हैं, 12 दिन का कोई नुकसान नहीं हुआ है, जितना कि आपको प्रचार मिला है, जो फिल्म के लिए बेहतर साबित होगा.

गौरव भाटिया कहते हैं, फिल्म रिलीज के लिए 1200 स्क्रीन बुक की गई थीं. काफी सारा पैसा लगाया गया. किसी की भावनाएं आहत होंगी, ये कहकर आप अदालत आते हैं और स्टे की मांग करते हैं.

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