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'कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो...', राहुल के 'होलसेल सरेंडर' वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री होलसेल सरेंडर का तीखा पलटवार

लोकसभा में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर हमला किया और इसे 'होलसेल सरेंडर' बताया. उन्होंने किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर पर असर बताते हुए कहा कि सरकार ने देश को बेच दिया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया.

Screengrab (Kiren Rijiju/ Rahul Gandhi)

लोकसभा में बुधवार को सत्ता बनाम विपक्ष के बीच माहौल काफ़ी गरमाया हुआ था. केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में मोदी सरकार पर तीखे हमले किए और दावा किया कि सरकार ने देश को बेच दिया है. उन्होंने विशेष रूप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सवाल उठाए और इसे 'होलसेल सरेंडर' बताया. इस पर सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया. 

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और इसमें देश के किसानों के हितों की अनदेखी की गई. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा. इस सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है.' उनके अनुसार, टेक्सटाइल सेक्टर बर्बाद हो रहा है और देश की एनर्जी सिक्योरिटी भी अन्य देशों के हाथों में जा रही है.

किरेन रिजिजू ने किया तगड़ा पलटवार  

राहुल गांधी के आरोप पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो देश को बेच या खरीद सके. पीएम मोदी अब तक के सबसे मजबूत प्रधानमंत्री हैं.' दोनों नेताओं के बीच सदन में जुबानी जंग भी देखने को मिली, जिसमें विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने जोरदार हंगामा किया. बता दें कि इस बहस के दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि सरकार किसी डील पर साइन करेगी, जब तक कि उसमें दबाव या फायदा न हो. हमारे किसानों को अमेरिकी फर्म्स के सामने सरेंडर कर दिया गया है.' इसके जवाब में रिजिजू ने कहा कि राहुल बिना किसी सबूत के आरोप लगा रहे हैं और उनके बयान बेबुनियाद हैं, जो मंजूर नहीं. संसद में हुई तीखी बहस के बाद केंद्रीय मंत्री ने मीडिया के सामने भी अपनी बातें रखीं. 

सदन में एपस्टीन फाइल का जिक्र 

सदन में राहुल गांधी और पीठासीन जगदंबिका पाल के बीच भी हल्की नोकझोंक हुई. जब राहुल ने एपस्टीन फाइल का जिक्र किया, तो उन्होंने चेयर को याद दिलाया कि यह उनके पूर्व सदस्य के विशेष संरक्षण से जुड़ा मामला है. जगदंबिका पाल ने जवाब में कहा कि यह आरोप रिकॉर्ड नहीं किए जाएंगे और बजट पर चर्चा पर ध्यान देना चाहिए. राहुल गांधी ने आगे कहा कि 'भारत ने डेटा हैंड ओवर कर दिया है और हमारे किसानों को अमेरिकी फर्म्स के सामने छोड़ दिया गया. यह पूरा सरेंडर है, केवल पीएम का नहीं बल्कि देश की 140 करोड़ आबादी का.' उन्होंने बीजेपी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर भी निशाना साधा और कहा कि यह समझौता देश के हित में नहीं है.

बताते चलें कि इस बहस से साफ है कि लोकसभा में इस बजट सत्र में राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल और भी गर्म होने वाला है. विपक्ष ने सरकार पर सीधे हमले किए हैं और सरकार इसे पूरी तरह खारिज कर रही है. यह संसद का वह दृश्य था, जहां नीति, व्यापार और राष्ट्रीय हितों को लेकर विवाद ने पूरी ताकत दिखाई.

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