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बंगाल में नई भाजपा सरकार का बड़ा एक्शन, सड़क पर नमाज और बेवजह जाम पर रोक, पुलिस को मिले सख्त निर्देश
Bengal: मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और कानून -व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए. सरकार का मुख्य फोकस यह है कि आम लोगों को राहत मिले, सड़कें बिना वजह बंद न हों, महिलाओं की सुरक्षा मजबूत हों और अपराधियों में कानून का डर दिखाई दे.
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Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ़ कर दिया है कि अब प्रशासन पहले से ज्यादा सख्त तरीके से काम करेगा. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और कानून -व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए. सरकार का मुख्य फोकस यह है कि आम लोगों को राहत मिले, सड़कें बिना वजह बंद न हों, महिलाओं की सुरक्षा मजबूत हों और अपराधियों में कानून का डर दिखाई दे. सरकार ने साफ़ कहा है कि धर्म, राजनीति या किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम पर नियमों से छूट नहीं मिलेगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कानून का इस्तेमाल बिना किसी भेदभाव के हर समुदाय और हर व्यक्ति पर एक जैसा होना चाहिए. इसी वजह से बैठक में लिए गए फैसलों को काफी अहम माना जा रहा है...
लाउडस्पीकर और सड़क जाम को लेकर बड़ा फैसला
सरकार ने धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर को लेकर नया और सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या अन्य धार्मिक स्थल पर बजने वाली आवाज उस परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए. मतलब साफ है - पूजा, आरती, अजान या किसी भी धार्मिक कार्यक्रम की वजह से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि रोजमर्रा की प्रार्थना या नमाज के नाम पर सड़कें जाम नहीं की जाएंगी. केवल खास और बड़े धार्मिक अवसरों पर प्रशासन की अनुमति से व्यवस्था बनाई जा सकेगी, लेकिन आम दिनों में लोगों की आवाजाही रोकना स्वीकार नहीं होगा. सरकार का मानना है कि किसी की आस्था दूसरे लोगों की परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए.
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दिलचस्प बात यह रही कि इस फैसले को कई धर्मगुरुओं ने भी सही बताया. Nasir Ibrahim ने कहा कि कानून अगर सभी पर बराबरी से लागू हो तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए. वहीं Jayanta Kushari ने कहा कि धर्म और आस्था निजी विषय हैं, उन्हें दूसरों की असुविधा का कारण नहीं बनना चाहिए.
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महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का सबसे ज्यादा जोर
नई सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा है. मुख्यमंत्री ने पुलिस को साफ शब्दों में कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. खासकर चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान महिलाओं के खिलाफ जो गंभीर मामले सामने आए थे, उन्हें दोबारा खोला जाएगा.
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2021 और 2024 के चुनावों के बाद दर्ज रेप, छेड़छाड़ और हमले के मामलों की फिर से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. कई ऐसे मामले भी दोबारा देखे जाएंगे जो पहले सिर्फ जनरल डायरी यानी GD में दर्ज हुए थे लेकिन उन पर आगे कार्रवाई नहीं हुई. सरकार का कहना है कि अगर किसी पीड़ित को पहले न्याय नहीं मिला, तो अब उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा, गुंडागर्दी, धमकी और रंगदारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए.
अवैध हथियार और सांप्रदायिक हिंसा पर कड़ा रुख
सरकार ने पुलिस को अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में अपराध और हिंसा को बढ़ाने में अवैध हथियार बड़ी वजह हैं, इसलिए उनकी बरामदगी तेज की जाए.
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साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन सांप्रदायिक तनाव फैलाने या दंगे भड़काने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया जाए. सरकार चाहती है कि ऐसी घटनाओं पर शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई हो ताकि माहौल खराब न हो.
गोतस्करी, अवैध खनन और सिंडिकेट राज पर रोक
बैठक में अवैध खनन और कथित सिंडिकेट राज को खत्म करने पर भी खास जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन से कहा कि अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए. सरकार का मानना है कि इन अवैध धंधों की वजह से राज्य को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ अपराध भी बढ़ता है.
पशु तस्करी को लेकर भी सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं. साफ कहा गया है कि अवैध तरीके से मवेशियों की तस्करी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. 14 साल से ज्यादा उम्र के मवेशियों के परिवहन के लिए भी अब पशु चिकित्सा अधिकारी की निगरानी जरूरी होगी. इसके अलावा राज्य में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया है.
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ट्रैफिक नियम और वीआईपी कल्चर पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि हेलमेट नियमों को सख्ती से लागू किया जाए ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके. पुलिस को यह भी निर्देश दिया गया कि आम लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाए. सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने अपने काफिले को लेकर भी सादगी और जिम्मेदारी का संदेश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी आवाजाही के दौरान आम जनता को कम से कम परेशानी होनी चाहिए. बेवजह सड़कों को रोकना और लगातार हूटर बजाना बंद किया जाए. यह संदेश लोगों के बीच वीआईपी संस्कृति कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
अवैध टोल वसूली और अपराधियों की सुरक्षा खत्म करने का आदेश
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सरकार ने साफ कहा है कि सड़कों पर किसी भी तरह की अवैध टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी. अगर कोई समूह या व्यक्ति जबरन पैसे वसूलता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी.
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इसके अलावा जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उनकी सरकारी सुरक्षा वापस लेने के निर्देश भी दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि सुरक्षा केवल उन्हीं लोगों को मिलनी चाहिए जिन्हें वास्तव में जरूरत हो, अपराधियों को नहीं.