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पैसा, पैसा, पैसा..., DUSU में ABVP की शानदार जीत से अभिजीत दिपके को लगा सदमा, Gen Z पर ही लगा दिए आरोप, VIDEO
DUSU चुनाव के नतीजों के बाद जहां ABVP समर्थकों में उत्साह है, वहीं विपक्षी छात्र संगठनों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और प्रचार के तरीके को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. ABVP की जीत पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी.
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DUSU: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव के नतीजों ने छात्र राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है. चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की... ABVP के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद अपने नाम किया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की. इस नतीजे के बाद जहां ABVP समर्थकों में उत्साह है, वहीं विपक्षी छात्र संगठनों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और प्रचार के तरीके को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
अभिजीत दीपके ने साधा निशाना
ABVP की जीत पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे DUSU चुनाव के नतीजों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चुनाव में पैसों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया. उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी में 3 बार कहा, 'चुनावों में पैसा चलता है..चुनावों में पैसा चलता है.चुनावों में बस पैसा चलता है.'' दीपके ने कहा, 'चुनावों में तो पैसा चलता है.. चुनावों में और कुछ नहीं चलता है. डीयू में जो कैंपन चलता है वह रोल्स रॉयस गाड़ियों में आते हैं लोग, वह गाड़ी करोड़ों के नीचे नहीं आती है, ऑडी में आते हैं, बीएमडब्ल्यू में आते हैं, चुनावों में बस पैसा चलता है,...'
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🚨 अभिजीत दिपके को DUSU चुनाव में ABVP की जीत हज़म नहीं हो पा रही।
उसने कहा — “चुनाव में पैसा ही मायने रखता है। चुनाव पैसे से ही चलते हैं, और कुछ नहीं।
DU के कैंपेन में लोग रोल्स-रॉयस जैसी गाड़ियों में आते हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में होती है।”
इनका प्रोटेस्ट तो बिना पैसे के… pic.twitter.com/b9eIB9OCt2— Manoj Singh (@PracticalSpy) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 21, 2026Advertisement
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DUSU नतीजों में ABVP का दबदबा
इस बार DUSU चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष समेत तीन केंद्रीय पदों पर जीत हासिल की. वहीं उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया. कांग्रेस से जुड़े NSUI और आम आदमी पार्टी से जुड़े छात्र संगठन को चार प्रमुख पदों में कोई जीत नहीं मिली.. चुनाव के नतीजे इसलिए भी चर्चा में रहे क्योंकि दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव को छात्र राजनीति में काफी अहम माना जाता है.. नतीजों के बाद ABVP ने इसे छात्रों के समर्थन के तौर पर पेश किया, जबकि विरोधी पक्ष ने चुनाव में प्रचार और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए..
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पैसे और छात्र राजनीति पर फिर बहस
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अभिजीत दिपके के बयान के बाद DUSU चुनाव में पैसों को लेकर बहस फिर सामने आ गई है. चुनाव में पैसा कितना प्रभाव डालता है और क्या महंगे प्रचार संसाधन उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाते हैं, यह छात्र राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है.
फिलहाल DUSU का नतीजा साफ है, ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पद अपने नाम किए हैं. वहीं दिपके के बयान ने इस जीत के बाद चुनाव प्रचार में पैसे और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.