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‘कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है’, रिजीम चेंज की वकालत करने वालों को केंद्रीय मंत्री ने सुनाई खरी-खरी

किरेन रिजिजू ने कहा, दुश्मन को एक बार माफ करो, दोस्त को दो बार, गद्दार को कभी नहीं. 'रिजीम चेंज' वाले बयान उन्होंने संविधान समर्थक और अराजकता फैलाने वालों में अंतर बताया.

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17 Oct 2026
( Updated: 17 Oct 2026
07:03 PM )
‘कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है’, रिजीम चेंज की वकालत करने वालों को केंद्रीय मंत्री ने सुनाई खरी-खरी
Image Source- IANS
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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' यानी सरकार बदलने की वकालत करने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने भारत के लोगों से अपील की है कि वे गद्दारों को कभी माफ न करें. यह बयान वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के सरकार बदलने वाले बयान पर छिड़े सियासी विवाद के बीच आया है. 

किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' के नारे को भटकाने और गुमराह करने वाला बताया. उन्होंने X पोस्ट करते हुए ऐसे लोगों को साफ संदेश दिया. रिजिजू ने लिखा, ‘बड़े आए 'रिजीम चेंज' करने वाले! कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है.’

केंद्रीय मंत्री ने नेहा बोरा पर साधा निशाना

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किरेन रिजिजू ने कहा, भारतीय युवा मूर्ख नहीं हैं, वे भारत का निर्माण करेंगे, उसे बर्बाद नहीं करेंगे. सच्चे भारतीय युवा पदक जीत रहे हैं, कौशल विकास, नवाचार, स्टार्टअप और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, और सांस्कृतिक प्रतीक बन रहे हैं. 

उन्होंने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. साथ ही विपक्ष को भी सरकार बदलने जैसी गलतफहमी दूर रखने की नसीहत दे डाली.

नेहा बोरा ने किया था बांग्लादेश का जिक्र 

नेहा बोरा ने कहा था, ‘हम आपको सैल्यूट करते हैं. हम जानते हैं कि देश में हर जगह जो Gen-Z आंदोलन दिख रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी. हमें रास्ता दिखाने और देश के युवाओं के साथ एकजुटता जताने के लिए आपका (बांग्लादेश) शुक्रिया. हम जानते हैं कि बांग्लादेश में शुरू हुआ आंदोलन लोकतंत्र और वोट के अधिकार के लिए था.’

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‘गद्दारों को कभी नहीं भूलना चाहिए’

वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने रिजीम चेंज की बात कही थी. जिस पर BJP ने करारा पलटवार किया है. किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, था. ‘प्यारे देशभक्त भारतीयों, याद रखें, 'अपने दुश्मनों को एक बार माफ करो, दोस्तों को दो बार, लेकिन गद्दारों को कभी नहीं.’

इससे पहले रिजिजू ने भूषण के 2011 के कश्मीर वाले बयान का वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया था, ‘अगर कश्मीरी लोग अलग होना चाहते हैं, तो उन्हें अलग होने दें.’

रिजिजू ने अपने पोस्ट में संविधान का समर्थन करने वालों और अराजकता फैलाने वालों के बीच फर्क बताया. उन्होंने कहा था, ‘लड़ाई की रेखा खिंच गई है. यह दिमागी नक्सल बनाम देशभक्त भारतीय है.’

इस पूरे मामले ने 'रिजीम चेंज' की मांग के अर्थ और असर को लेकर सियासी बहस छेड़ दी है. सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष और प्रदर्शन के आयोजकों पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया है. 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साधा था निशाना 

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इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरा. लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि 'रिजीम चेंज' शब्द का इस्तेमाल दिखाता है कि प्रदर्शनकारियों का मकसद अराजकता फैलाकर सत्ता पर कब्जा करना है. 

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राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई न तो चुनाव आयोग के लिए है और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए, बल्कि उसका एकमात्र मकसद अव्यवस्था पैदा करके सत्ता हासिल करना है. बांग्लादेश का जिक्र करते हुए उन्होंने रिजीम चेंज की वकालत करने वालों पर सरकार को गिराने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र का इस्तेमाल अराजकता पैदा करने के लाइसेंस के तौर पर नहीं किया जा सकता और राजनीतिक नेताओं को जनता के जनादेश और देश की संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. 

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