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10वीं तक मोबाइल छूना भी मत...CM सुवेंदु संग सेल्फी लेने पहुंचा बच्चा, पहले मिली तगड़ी सलाह, फिर हुई इच्छा पूरी
बंगाल के हावड़ा में एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. एक बच्चा सीएम सुवेंदु संग सेल्फी लेने पहुंचा. इस दौरान सीएम ने बच्चे को पढ़ाई की सलाह दी और कहा कि 10वीं तक मोबाइल को छूना भी नहीं है. हालांकि मुख्यमंत्री ने सेल्फी की इच्छा पूरी कर दी.
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को एक छोटे बच्चे को मोबाइल फोन का कम उपयोग करने और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. साथ ही उन्होंने बच्चे की इच्छा पूरी करते हुए उसके साथ सेल्फी भी खिंचवाई. यह घटना शनिवार रात करीब 8 बजे उत्तर हावड़ा के सालकिया स्थित कामिनी स्कूल लेन में हुई.
जब सीएम सुवेंदु से बच्चे ने की सेल्फी की डिमांड!
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री बिकाश भट्टाचार्य के परिवार से मिलने पहुंचे थे, जिनकी चोरबागान घटना में मृत्यु हो गई थी. मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया. मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से परिवार को कुछ राहत मिली और उन्होंने उनके प्रति आभार व्यक्त किया.
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परिवार से मुलाकात के बाद जब मुख्यमंत्री घर से बाहर निकलकर अपनी बाइक की ओर जा रहे थे, तभी इलाके के एक बच्चे राजदीप पाल ने उनके पास पहुंचकर सेल्फी लेने की इच्छा जताई.
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सेल्फी लेने आए बच्चे को सीएम सुवेंदु ने दी तगड़ी सलाह!
बच्चे के उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उसकी बात मान ली और उसके साथ सेल्फी खिंचवाई. हालांकि, उन्होंने राजदीप को यह सलाह भी दी कि वह मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे.
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The Hon’ble Chief Minister of West Bengal, Shri Suvendu Adhikari, met the bereaved families of Sneha Bhandari of Bakrahat in South 24 Parganas and Bikash Bhattacharya of Salkia in Howrah, who lost their lives in the tragic Chorbagan incident, and provided financial assistance of ₹25 lakh to each family. The Hon’ble Chief Minister expressed his solidarity with the grieving families during this difficult time and assured them of all possible support and assistance.
— Chief Minister's Office, Govt. of West Bengal (@cmowbgov) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 24, 2026
मुख्यमंत्री और बच्चे के बीच हुई इस छोटी-सी बातचीत ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया. बच्चों में बढ़ते मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री की यह सलाह शिक्षा के महत्व और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का संदेश देती नजर आई.
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10वीं तक मोबाइल को हाथ भी मत लगाना!
सुवेंदु घर से बाहर निकले और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठने ही वाले थे. तभी, इलाके का एक युवक दौड़कर उनके पास आया और उनके साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई. मुख्यमंत्री ने उससे उसका नाम पूछा, जिस पर उसने अपना नाम राजदीप पाल बताया. इसके बाद, सुवेंदु ने उसे मोबाइल फोन के बजाय मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी. मुख्यमंत्री से मिली इस सलाह के लिए राजदीप शायद तैयार नहीं था. हालांकि, अंत में सुवेंदु ने उसकी गुजारिश को ठुकराया नहीं. उन्होंने उस युवक को अपने करीब खींचा और सेल्फी के लिए उसे गले लगा लिया. इसके बाद, मुख्यमंत्री अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपनी अगली मंजिल की ओर निकल गए.
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इस बीच, मुख्यमंत्री मुख्य सड़क से घर तक पहुंचने के लिए बाइक से गए थे, क्योंकि गली काफी संकरी थी और बड़े वाहन का वहां तक पहुंचना मुश्किल था. राज्य मंत्री उमेश रॉय भी उनके साथ बाइक पर मौजूद थे.
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मुख्यमंत्री का यह दौरा शोकग्रस्त परिवार को सहायता का भरोसा देने के साथ-साथ बच्चे के साथ उनकी आत्मीय मुलाकात की वजह से भी चर्चा का विषय बन गया. वहां मौजूद लोगों ने बच्चे को प्रोत्साहित करने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की उनकी सलाह की सराहना की.