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‘सरकारें चुनाव से बदलती हैं, धमकी से नहीं’, राहुल गांधी पर बरसे CM हिमंता, 3 शहरों में बड़ी रैलियों का ऐलान

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की घोषणा असम में भाजपा नेतृत्व द्वारा कांग्रेस के राजनीतिक अभियान के खिलाफ जन समर्थन जुटाने और रैलियों को चुनावी जनादेश की रक्षा के रूप में पेश करने के प्रयास का भी संकेत देती है.

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15 Oct 2026
( Updated: 15 Oct 2026
12:43 PM )
‘सरकारें चुनाव से बदलती हैं, धमकी से नहीं’, राहुल गांधी पर बरसे CM हिमंता, 3 शहरों में बड़ी रैलियों का ऐलान
Image Credit: IANS
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में बड़ी शांतिपूर्ण रैलियों का ऐलान किया.  

लोकतांत्रिक जनादेश की रक्षा का दिया संदेश

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सड़क पर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया.

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सीएम ने राहुल गांधी पर लगाया सत्ता पलटने की कोशिश का आरोप    

सीएम सरमा ने कहा कि असम की सांस्कृतिक राजधानी मानी जाने वाली तेजपुर में दिल्ली में सड़क प्रदर्शनों के जरिए सरकार बदलने के राहुल गांधी के प्रयासों के खिलाफ एक बड़ी शांतिपूर्ण रैली होगी.

उन्होंने कहा, "लाखों भारतीयों के जनादेश को कांग्रेस पार्टी से जुड़े कुछ हजार राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों से पलटा नहीं जा सकता."

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लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर देते हुए सीएम सरमा ने कहा कि सरकारों को राजनीतिक धमकी या सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के बजाय चुनावों के माध्यम से बदला जाना चाहिए.

तेजपुर, डिब्रूगढ़ और बरपेटा रोड में होंगी रैलियां

उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सरकारें चुनाव से बदलती हैं, राजनीतिक धमकी से नहीं." डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बताते हुए सीएम सरमा ने बरपेटा रोड में भी इसी तरह की रैलियों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन राजनीतिक दबाव के माध्यम से सत्ता परिवर्तन लाने के किसी भी प्रयास के विरोध की पुष्टि करेंगे. ये रैलियां राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों और सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान की कांग्रेस पार्टी की आलोचना पर राजनीतिक टकराव के बीच हो रही हैं.

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मुख्यमंत्री की घोषणा असम में भाजपा नेतृत्व द्वारा कांग्रेस के राजनीतिक अभियान के खिलाफ जन समर्थन जुटाने और रैलियों को चुनावी जनादेश की रक्षा के रूप में पेश करने के प्रयास का भी संकेत देती है. हालांकि, सीएम सरमा के बयान में अपेक्षित भीड़ या रैलियों की व्यवस्था के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई.

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