ड्रग्स केस में पंजाब से पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया है.

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25 Jun 2025
( Updated: 09 Dec 2025
07:04 AM )
ड्रग्स केस में पंजाब से पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया है. विजिलेंस ने ये कार्रवाई युद्ध नशे के विरुद्ध (नशा विरोधी अभियान) के तहत पंजाब पुलिस और विजिलेंस के संयुक्त ऑपरेशन के तहत किया है. जिसमें पूरे पंजाब में 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें से मजीठिया से जुड़े अमृतसर के 9 ठिकाने शामिल थे.

मजीठिया ने मान को किया चैलेंज

अपनी गिरफ्तारी पर बिक्रम मजीठिया ने कहा, "मेरी आवाज दबाने के लिए विजिलेंस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, मंगलवार रात को विजिलेंस ने एक FIR दर्ज की और आज (बुधवार) मेरे अमृतसर के घर में जबरन घुस आए. ये आय से अधिक संपत्ति का झूठा केस है, जिसकी लड़ाई लड़ी जाएगी. मैंने सभी को बहुत पहले ही बताया था कि जब भगवंत मान सरकार को मेरे खिलाफ झूठे ड्रग केस में कुछ नहीं मिला तो वह मेरे खिलाफ नया झूठा केस दर्ज करने की तैयारी हो रही है. आज विजिलेंस के SSP के नेतृत्व में एक टीम ने मेरे यहां छापा मारा है. भगवंत मान... ये समझ लीजिए, आप चाहे जितने भी कागज दे दीजिए, न तो मैं डरूंगा और न ही आपकी सरकार मेरी आवाज दबा सकती है. मैंने हमेशा पंजाब के मुद्दों पर बात की है और आगे भी करता रहूंगा. मुझे पूरा भरोसा है कि अंत में जीत सत्य की होगी."

कितना भी बड़ा नेता हो बख्शा नहीं जाएगा - अरविंद केजरीवाल

बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संदेश साफ है कि कोई कितना बड़ा नेता हो उसे बख्शा नहीं जाएगा जो मंत्री रहते हुए अपनी गाड़ियों में इंटरनेशनल ड्रग्स डीलर्स को बैठा कर घूमते थे.उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा.

मजीठिया की गिरफ्तारी पर AAP में बगावत 

AAP के अमृतसर उत्तर के विधायक कुंवर विजय प्रताप ने इस छापेमारी की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, "किसी परिवार की गरिमा का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह धन, स्थिति या राजनीतिक संबद्धता से कोई भी हो. सुबह के वक्त किसी के घर पर छापेमारी करना नैतिक रूप से उचित नहीं है."

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आगे विजय प्रताप ने कहा कि "मजीठिया के साथ उनके वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन जब मजीठिया को कांग्रेस सरकार के दौरान जेल में डाला गया था, तब भगवंत मान सरकार ने न तो उनकी रिमांड मांगी और न ही उनसे पूछताछ की, बल्कि उनकी जमानत का समर्थन किया था. अब नोटिस जारी करके और छापेमारी करके घर की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है. यह राजनीति से आगे बढ़कर नैतिकता, सिद्धांत और बुनियादी मानवीय शालीनता का मामला बन गया है."

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