'डीके शिवकुमार यहां नहीं हैं... घर बैठे लोगों का हम स्वागत नहीं कर सकते' -सीएम सिद्दारमैया, कर्नाटक कांग्रेस में बवाल

कर्नाटक सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच की लड़ाई खुलकर अब सबके सामने आ गई है. एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता ने सिद्दारमैया से डिप्टी सीएम शिवकुमार का नाम लेने का सुझाव दिया, जिसके जवाब में सिद्दारमैया नाराज हो गए और तीखी प्रतिक्रिया दे दी.

Author
20 Jul 2025
( Updated: 09 Dec 2025
04:43 PM )
'डीके शिवकुमार यहां नहीं हैं... घर बैठे लोगों का हम स्वागत नहीं कर सकते' -सीएम सिद्दारमैया, कर्नाटक कांग्रेस में बवाल

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर तनाव का है. शनिवार को मंगलोर में आयोजित एक कार्यक्रम ‘साधना समवेश’ के दौरान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच की कथित खींचतान खुलकर सामने आ गई. 

डीके शिवकुमार यहां नहीं हैं - सीएम 

‘साधना समवेश’ कार्यक्रम के दौरान सीएम सिद्दारमैया ने कहा, "डीके शिवकुमार यहां नहीं हैं. वे बेंगलुरु चले गए हैं. हम केवल मौजूद लोगों का स्वागत कर सकते हैं, घर में बैठे लोगों का नहीं."

सिद्दारमैया का यह बयान न केवल सिद्दारमैया की नाराजगी को दर्शाता है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों की ओर भी इशारा करता है. हैरानी की बात यह है कि शिवकुमार उस कार्यक्रम में मौजूद थे और अपने संबोधन के बाद किसी आपात स्थिति का हवाला देकर बेंगलुरु लौट गए. सिद्दारमैया का यह बयान इस घटना को और उलझन भरा बनाता है. इस घटना ने कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों को और हवा दे दी है.

भाजपा ने बताया सत्ता का संघर्ष     

राज्य में विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष का सबूत बताया है, जबकि कांग्रेस इसे गलतफहमी का परिणाम बता रही है. इस घटना की पृष्ठभूमि 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद से बन रही है, जब कांग्रेस की शानदार जीत के बाद सिद्दारमैया को सीएम और शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया गया था. शिवकुमार पार्टी के राज्य अध्यक्ष भी हैं. उनको सीएम पद का मजबूत दावेदार माना जाता था, लेकिन पार्टी हाईकमान ने सिद्दारमैया को चुना.

यह भी पढ़ें

दोनों के बीच सत्ता साझा करने का अनौपचारिक समझौता हुआ था, जिसमें शिवकुमार को 2.5 साल बाद सीएम बनाया जा सकता था. हालांकि, यह कभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ. पिछले कुछ महीनों में शिवकुमार के समर्थकों ने सिद्दारमैया के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी है, जिससे तनाव बढ़ा है. शिवकुमार ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से सिद्दारमैया का समर्थन किया था, लेकिन यह भी कहा था कि ‘मेरे पास और क्या विकल्प है?’ इन बयानों ने उनकी असहमति को उजागर किया.

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
Startup का सबसे बड़ा भ्रम | हकीकत जो आपको कोई नहीं बताता | Abhishek Kar Podcast
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें