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WEF दावोस में CM फडणवीस ने खोले निवेश के नए दरवाज़े, लॉजिस्टिक्स में 20 बिलियन डॉलर, IT-डेटा सेंटर में 1 लाख करोड़ का MoU

Maharashtra: यह सम्मेलन दुनिया भर के बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों और सरकारी प्रतिनिधियों का एक बड़ा मंच होता है, जहां भविष्य की अर्थव्यवस्था और निवेश पर चर्चा की जाती है. इस सम्मेलन में महाराष्ट्र को एक मजबूत और निवेश के लिए तैयार राज्य के रूप में पेश किया गया.

Image Source: Social Media

CM Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) के वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया. यह सम्मेलन दुनिया भर के बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों और सरकारी प्रतिनिधियों का एक बड़ा मंच होता है, जहां भविष्य की अर्थव्यवस्था और निवेश पर चर्चा की जाती है. इस सम्मेलन में महाराष्ट्र को एक मजबूत और निवेश के लिए तैयार राज्य के रूप में पेश किया गया.

महाराष्ट्र सरकार ने किए बड़े निवेश समझौते

दावोस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने देश और विदेश की कई नामी कंपनियों और वैश्विक संस्थानों के साथ बड़े पैमाने पर समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए. ये समझौते रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, स्टील, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी-आईटीईएस, डेटा सेंटर, शहरी परिवहन और सतत औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं. इन निवेशों से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी.

अलग-अलग सेक्टर में भारी निवेश

मुंबई में लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करने के लिए करीब 20 बिलियन डॉलर के समझौते किए गए. गढ़चिरौली और विदर्भ क्षेत्र में स्टील उद्योग के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश तय हुआ है. वहीं पालघर में स्टील सेक्टर के लिए बीएफएन फोर्जिंग्स और महाराष्ट्र सरकार के बीच 565 करोड़ रुपये की डील हुई है. नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में महाराष्ट्र सरकार और योकी ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के बीच 4 हजार करोड़ रुपये का समझौता हुआ है. इसके अलावा मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में आईटी और डेटा सेंटर के लिए लोढ़ा डेवलपर्स के साथ करीब 1 लाख करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया गया है.

वैश्विक नेताओं और कंपनियों से मुलाकात

दावोस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई बड़े वैश्विक उद्योगपतियों और संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की. उन्होंने विश्व आर्थिक मंच के अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन हेड और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य जेफ मेरिट से चर्चा की. इस बातचीत में ग्लोबल इंडस्ट्रियल बदलावों और भविष्य में उद्योगों के विकास में सस्टेनेबल इनोवेशन की भूमिका पर बात हुई.

आईकेईए और कोका-कोला से सकारात्मक बातचीत

मुख्यमंत्री ने इंगका ग्रुप (आईकेईए रिटेल) के सीईओ और चेयरमैन जुवेंसियो मैएज्यु से भी मुलाकात की. इस दौरान महाराष्ट्र में आईकेईए के विस्तार और बड़े निवेश को लेकर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और खासकर महाराष्ट्र को लेकर आईकेईए की योजनाओं को जानकर उन्हें खुशी हुई और उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया.

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कोका-कोला कंपनी के सीवीपी माइकल गोल्ट्जमैन से भी मुलाकात की. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कोका-कोला के विस्तार और जामनेर जैसे संभावित स्थानों को लेकर काफी सकारात्मक चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने उन्हें महाराष्ट्र की जीसीसी पॉलिसी, अच्छी क्वालिटी के खाद्य उत्पादों और राज्य में मौजूद निवेश के कई अवसरों की जानकारी दी.

महाराष्ट्र के विकास की मजबूत नींव

दावोस में हुए ये सभी समझौते और बैठकें महाराष्ट्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इससे न सिर्फ राज्य में निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास को भी नई दिशा मिलेगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र खुद को वैश्विक निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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