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अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई सीट पर क्या है रुझान? देश की सात सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आज
बारामती सीट से दिवंगत NCP नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार मैदान में हैं. वह महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री भी हैं. ऐसे में इस सीट पर सबकी निगाहें हैं.
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By Election Result: असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनाव के नतीजों आज आ रहे हैं. इन पांच राज्यों के साथ देश की सात अन्य विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव का आज रिजल्ट भी आज ही घोषित होगा.
ये उपचुनाव 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की अलग-अलग सीटों पर कराए गए थे. इन सीटों पर चुनाव इसलिए कराने पड़े क्योंकि संबंधित विधायकों का निधन हो गया था, जिससे ये सीटें खाली हो गई थीं.
बारामती सीट की सबसे ज्यादा चर्चा
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वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है. इन उपचुनावों को राजनीतिक दलों के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे भविष्य की रणनीतियों पर असर डाल सकते हैं.
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महाराष्ट्र की बारामती सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है. पुणे जिले की यह सीट पवार परिवार का गढ़ मानी जाती है. यहां उपचुनाव अजित पवार के 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन के बाद कराया गया. इस सीट से उनकी पत्नी और NCP नेता और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल बन गया है.
कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण सीटों पर उपचुनाव हुए. ये सीटें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एच वाई मेटी और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद खाली हुई थीं. यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और BJP के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है. BJP ने बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने क्रमशः उमेश मेटी और समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया है.
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गुजरात की उमरेठ सीट पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला. यह सीट भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद खाली हुई थी. यहां BJP ने उनके बेटे हर्षद परमार को टिकट दिया है, जिनका मुकाबला कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान सहित अन्य उम्मीदवारों से है.
नागालैंड की कोरिडांग सीट पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं. यह सीट BJP विधायक इमकोंग एल इमचेन के निधन के बाद खाली हुई थी. BJP ने दाओचियर आई इमचेन को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन भी मिला है.
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त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर BJP, कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ. यह सीट विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद खाली हुई थी.