जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मक्का की मस्जिद में अश्लील हरकतें करते पाए गए बांग्लादेशी कपल! सऊदी अरब ने दी सजा-ए-मौत, कॉफिन में पैक कर भेजी बॉडी

सऊदी अरब ने दो बांग्लादेशी 'कपल' को मौत की सजा दे दी. इन्हें मक्का की एक मस्जिद में 'अश्लील हरकतें' करने का दोषी पाया गया था. इतना ही नहीं सऊदी ने बताया भी नहीं कि इन्हें फांसी दे रहे हैं या बीहेड करने जा रहे हैं.

Author
20 Oct 2026
( Updated: 20 Oct 2026
10:33 AM )
मक्का की मस्जिद में अश्लील हरकतें करते पाए गए बांग्लादेशी कपल! सऊदी अरब ने दी सजा-ए-मौत, कॉफिन में पैक कर भेजी बॉडी
Representational Photo / Source: IANS
Advertisement

सऊदी अरब ने कथित तौर पर मक्का की एक मस्जिद में अश्लील और गैर इस्लामी हरकत को लेकर एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को मौत की सजा दे दी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों की बॉडी को उनके देश बांग्लादेश भेज दिया गया, जहां दोनों को सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया. इसको लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.

सऊदी ने 'अश्लील हरकत' के आरोप में 2 बांग्लादेशियों को मौत की सजा दी

कहा जा रहा है कि दोनों की नई-नई शादी हुई थी और दोनों हनीमून की जगह उमरा करना बेहतर समझा और सऊदी अरब गए. इस दौरान कथित तौर पर पुरुष ने अपनी पत्नी को किस किया, जिसका वीडियो किसी पाकिस्तानी ने बनाया और इसे सुरक्षाकर्मियों को दिया. इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया. दोनों बांग्लादेशियों को कोर्ट से सजा हुई, जेल में डाला गया और बीते 14 अक्टूबर को मौत की सजा दे दी गई. हालांकि ये नहीं पता चल पाया है कि दोनों को फांसी दी गई या 'सर को धर' से अलग कर दिया गया. इतना ही नहीं पाकिस्तानी शख़्स वाले एंगल की भी पुष्टि नहीं हो पाई है.

सऊदी ने मौत की सजा दे भी दी और बताया भी नहीं!

Advertisement

इस संबंध में बांग्लादेश ने कहा कि दोनों को सजा देने से पहले उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने सऊदी अरब से इस मामले में जानकारी मांगी है. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने कहा कि इन बांग्लादेशियों को इसलिए मौत की सजा दी गई क्योंकि "उन्होंने जिस तरह की हरकतें कीं, वे बहुत गंभीर थीं और उन्होंने समय और स्थान दोनों की पवित्रता का उल्लंघन किया." हालांकि सऊदी जिसे अडल्ट्री कह रहा है, उसके बारे में उसने विस्तार से जानकारी नहीं दी है.

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि मक्का के पवित्र शहर में हाल ही में दो बांग्लादेशी नागरिकों को दी गई फांसी के बारे में उन्हें घटना के बाद ही पता चला. इतना ही नहीं बांग्लादेशी शख्स की फैमिली को भी कथित तौर पर फेसबुक से ही इसका पता चला.

मस्जिद के अंदर अश्लील हरकत का आरोप!

Advertisement

सऊदी इंटरनल मिनिस्ट्री के अनुसार, एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को पिछले बुधवार को फांसी दी गई. उन पर एक मस्जिद के अंदर 'अशोभनीय कृत्य' करने का दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई. मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि वह कृत्य किस तरह का था. बांग्लादेश का कहना है कि उसने इस मामले के बारे में और जानकारी मांगने के लिए सऊदी अरब सरकार से संपर्क किया है.

पाकिस्तानी शख्स ने बनाया वीडियो?

आपको बता दें कि सऊदी अरब में 30 लाख से अधिक बांग्लादेशी रहते हैं और काम करते हैं, जिनमें से ज्यादातर कम सैलरी वाली नौकरियों में हैं. इन दो लोगों को फांसी दिए जाने की खबर से बांग्लादेश में लोगों के बीच चिंता पैदा हो गई है.

सऊदी इंटरनल मंत्रालय के अनुसार, इन दो बांग्लादेशी नागरिकों को "ताज़ीर" (tazir) के तहत दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई. इस्लामी कानून में "ताज़ीर" का मतलब ऐसी सजा से है, जिसे तय करने का अधिकार जज के विवेक पर छोड़ दिया जाता है.

Advertisement

एक साल के अंदर 100 लोगों को सऊदी अरब ने दी फांसी!

वहीं 'डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, जिन दो बांग्लादेशियों को फांसी दी गई, वे उन कैदियों की सूची में शामिल थे जो सऊदी अरब ने बांग्लादेश के साथ साझा की थी. यह सूची जेद्दा में बांग्लादेश के महावाणिज्य दूतावास (Consulate General) के अनुरोध पर दी गई थी, लेकिन उस सूची में यह कहीं नहीं बताया गया था कि इन दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है. यह पहली बार नहीं है जब सऊदी अधिकारियों ने विदेशी नागरिकों को फांसी दी है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, इस साल सऊदी अरब में लगभग 100 लोगों को फांसी दी गई है, जिनमें से कई विदेशी नागरिक हैं जिन्हें नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था.

Advertisement

ये भी पढ़ें: 'पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा’, फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप का बड़ा बयान, मैक्रों को दी नसीहत

2011 में आठ बांग्लादेशी पुरुषों को सार्वजनिक रूप से दी गई थी फांसी

साल 2011 में, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आठ बांग्लादेशी पुरुषों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई थी. उन्हें एक मिस्र के नागरिक की हत्या का दोषी पाया गया था. इस महीने की शुरुआत में, सऊदी अरब ने फेसबुक पर की गई एक टिप्पणी के लिए मौत की सजा पाए एक श्रीलंकाई व्यक्ति की सजा को पलट दिया. उस टिप्पणी के कारण उसे ईशनिंदा का दोषी ठहराया गया था. यह फैसला तब आया जब श्रीलंका में इस मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पैदा हुआ और उस व्यक्ति की माफी के लिए राजनयिक प्रयास शुरू किए गए.

ये भी पढ़ें: विजयादशमी पर PM मोदी का देशवासियों को संदेश, संस्कृत श्लोक साझा कर किया प्रभु श्रीराम का गुणगान

यह भी पढ़ें

जेद्दा में महावाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलट जनरल) में तैनात एक अधिकारी ने बताया, "उन्होंने हमें एक सूची भेजी थी जिसमें दो बांग्लादेशियों के नाम शामिल थे, लेकिन उनके खिलाफ आए फैसलों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी."

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें