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पटका विवाद पर हिमंता बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर तीखा हमला,बोले-संस्कृति का सम्मान कानून से नहीं होता

मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कांग्रेस नेता से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र से राजनीतिक समर्थन मांगने से पहले क्षेत्रीय रीति-रिवाजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और असम की पारंपरिक 'पटका' से जुड़ी घटना पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना असम और उत्तर-पूर्वी भारत की संस्कृति और भावनाओं के प्रति उनकी निरंतर असंवेदनशीलता को दर्शाती है.

हिमंता बिस्वा सरमा का राहुल पर हमला 

तिनसुकिया जिले के डिगबोई में आयोजित राज्य सरकार के एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि वह इस विवाद से आश्चर्यचकित नहीं हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं.

उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार कोई नई बात नहीं है. पहले भी कई बार राहुल गांधी ने असम और उत्तर-पूर्वी भारत के लोगों के प्रति अनादर दिखाया है. मैं अपना बहुमूल्य समय उन पर चर्चा करने में बर्बाद नहीं करना चाहता.

सरमा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी और कहा कि परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान कानून के माध्यम से अनिवार्य नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सम्मान व्यक्ति के आंतरिक मूल्यों और अंतरात्मा का मामला है. कोई व्यक्ति किसी परंपरा का सम्मान करता है या नहीं, यह अदालतों या पुलिस द्वारा तय नहीं किया जा सकता.

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता से किया आग्रह 

मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कांग्रेस नेता से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र से राजनीतिक समर्थन मांगने से पहले क्षेत्रीय रीति-रिवाजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं.

सरमा ने कहा कि अगर राहुल गांधी पूर्वोत्तर की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान नहीं कर सकते, तो उन्हें केवल चुनावी उद्देश्यों के लिए इस क्षेत्र का दौरा नहीं करना चाहिए. उन्हें पहले यहां के लोगों का सम्मान करना सीखना होगा.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के असमिया पटके को कथित तौर पर गलत तरीके से संभालने के दृश्य सामने आए, जिसे सम्मान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जाता है.

कांग्रेस नेता पर क्षेत्रीय पहचान को बार-बार अपमानित करने का आरोप

इस घटना पर सत्ताधारी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस नेता पर क्षेत्रीय पहचान को बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाया.

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताते हुए खारिज कर दिया.

इस घटनाक्रम ने असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है. चुनाव नजदीक आने के साथ ही, सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान एक बार फिर राज्य में संवेदनशील राजनीतिक मुद्दे बनकर उभरे हैं, खासकर पूर्वोत्तर के विभिन्न क्षेत्रीय समुदायों के साथ राष्ट्रीय नेताओं के संवाद के संदर्भ में.

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