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बस्तर के नक्सल फ्री होते ही अमित शाह ने कर दिया बड़ा ऐलान, आदिवासियों के लिए तैयार विकास का नया रोडमैप
शाह ने बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों के लिए बड़ी घोषणाएं की. उन्होंने कहा, बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देंगे. हम बस्तर संभाग में डेयरी का बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं.
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के भय से पूरी तरह मुक्त हो चुका है. अब यहां विकास का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों के चेहरे पर अब उत्साह, आत्मविश्वास और भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई देती है. बंदूक के साये में जीने का दौर खत्म हो चुका है और पूरा बस्तर अब खुलकर सांस ले रहा है.
अमित शाह ने आदिवासियों के लिए बड़ी घोषणा?
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गृह मंत्री अमित शाह के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे. दोनों की मौजूदगी में शाह ने आदिवासियों के लिए बड़ी घोषणा की.
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शाह ने बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों के लिए बड़ी घोषणाएं की. उन्होंने कहा, बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देंगे. हम बस्तर संभाग में डेयरी का बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं. जंगल के वनोपज के फायदे को आदिवासियों तक पहुंचाएंगे.
शाह ने चार अहम तारीखों का जिक्र क्यों किया?
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गृह मंत्री ने अपने संबोधन में चार महत्वपूर्ण तारीखों का उल्लेख किया. जिनमें नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और उसके बाद विकास की योजना को विस्तार से बताया गया है.
उन्होंने कहा, पहली अहम तारीख- 13 दिसंबर 2023 थी, जब छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी.
शाह ने कहा कि केंद्र में पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार थी, लेकिन राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के कारण नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया. उन्होंने दावा किया कि कई गैर-भाजपा सरकारों ने केंद्र का सहयोग किया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस अभियान में साथ नहीं दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को खत्म करने के लिए नए सिरे से अभियान शुरू किया गया.
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उन्होंने दूसरी महत्वपूर्ण तारीख- 24 अगस्त 2024 को बताया. उस दिन सभी राज्यों के डीजी की बैठक के बाद यह घोषणा की गई थी कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण तय समयसीमा से पहले ही 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का संपूर्ण खात्मा हो गया.
गृह मंत्री ने कहा कि चौथी और सबसे अहम तारीख- 19 मई 2026 है, क्योंकि इस दिन से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्षों तक कुछ बुद्धिजीवी यह कहते रहे कि विकास न पहुंचने के कारण नक्सलवाद फैला, जबकि सच्चाई यह थी कि नक्सलवाद की वजह से ही विकास इन इलाकों तक नहीं पहुंच पाया.
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केंद्र सरकार किन योजनाओं पर काम कर रही?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए केंद्र सरकार अब नई योजनाओं पर काम शुरू कर चुकी है. उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है. यह योजना उन सुरक्षा कैंपों को विकास केंद्र में बदलने की पहल है, जिन्हें नक्सलवाद से लड़ने के लिए बनाया गया था.
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उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में करीब 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए थे, जहां सीएपीएफ, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान तैनात थे। अब नक्सलवाद समाप्त होने के बाद इनमें से 70 कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ में बदला जाएगा. अमित शाह ने दावा किया कि बस्तर में अब भय नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और समृद्धि की नई कहानी लिखी जाएगी.