प्रयागराज में सेना का ट्रेनी विमान क्रैश, के पी कॉलेज के पास हुआ हादसा, छात्रों ने किया पायलटों का रेस्क्यू

प्रयागराज में सेना का ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट विद्यावाहिनी स्कूल के पास एक तालाब में गिर गया. एयरक्राफ्ट रूटीन ट्रेनिंग उड़ान पर था. विमान में सवार दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

प्रयागराज में सेना का ट्रेनी विमान क्रैश, के पी कॉलेज के पास हुआ हादसा, छात्रों ने किया पायलटों का रेस्क्यू
Aircraft Crash

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में मंगलवार को सेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हो गया. यह एयरक्राफ्ट शहर के बीचों-बीच स्थित विद्यावाहिनी स्कूल के पास एक तालाब में गिर गया. हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि एयरक्राफ्ट में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित  

शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा के पी कॉलेज के नजदीक हुआ. एयरक्राफ्ट एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था. भारतीय वायुसेना की शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में दो पायलट सवार थे. दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है. इस खबर के बाद प्रशासन, वायुसेना और पायलटों के परिजनों ने राहत की सांस ली है. हादसे के तुरंत बाद सेना के हेलीकॉप्टर और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं. तालाब के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति घटनास्थल के पास न जा सके. रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत पहले पायलटों को बाहर निकाला गया और अब एयरक्राफ्ट को तालाब से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. विमान को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी तकनीकी जांच की जाएगी.

जांच में जुटी टीम 

स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वायुसेना की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच में जुट गई है. फिलहाल एयरक्राफ्ट के क्रैश होने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जाएगी. वायुसेना ने भरोसा दिलाया है कि ट्रेनिंग उड़ानों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है. मौके पर पुलिस के साथ सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. पूरे इलाके पर सेना के हेलीकॉप्टर से नजर रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहरी इलाकों में होने वाली ट्रेनिंग उड़ानों में अतिरिक्त सतर्कता कितनी जरूरी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी.

चश्मदीदों ने क्या कहा?

विमान हादसे को लेकर चश्मदीद पदम सिंह ने बताया कि वह स्कूल परिसर में मौजूद थे, तभी अचानक तेज रॉकेट जैसी आवाज सुनाई दी. आवाज आते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़े. वहां पहुंचने पर देखा गया कि कुछ लोग तालाब की दलदल में फंसे हुए थे. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तालाब में उतरकर हिम्मत दिखाई और तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने विमान को तालाब से बाहर निकालने का काम शुरू किया.

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गौरतलब है कि इन दिनों प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है. इसकी वजह से आम दिनों की तुलना में शहर में काफी भीड़ है. जिस इलाके में यह एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ, वह भी शहर का घनी आबादी वाला क्षेत्र है. हादसे के वक्त तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद सैकड़ों लोग मौके की ओर दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिससे राहत कार्य तेजी से शुरू हो सका.

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