'अजित पवार का जुनून काबिल-ए-तारीफ था...', बारामती विमान हादसे के बाद पीएम मोदी ने शरद पवार से फोन पर बात कर जताया दुख
बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया. हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए शरद पवार से फोन पर बात की और अजित पवार को जमीनी नेता बताते हुए उनके असमय निधन को बेहद दुखद बताया.
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महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. बारामती में हुए एक भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया. इस हादसे ने न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है. हादसा गुरुवार से एक दिन पहले सुबह करीब 8.45 बजे बारामती हवाई अड्डे के रनवे पर लैंडिंग के दौरान हुआ. हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने अजित पवार के चाचा और एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात की और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं.
जमीनी नेता थे अजित पवार: PM मोदी
शरद पवार से फ़ोन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अजित पवार एक जमीनी नेता थे, जिनका आम लोगों से सीधा जुड़ाव था. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों व वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून काबिल-ए-तारीफ था. उनका असमय जाना बेहद दुखद और चौंकाने वाला है.
विमान में सवार सभी लोगों की मौत की पुष्टि
नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने पुष्टि की है कि हादसे के समय विमान में कुल पांच लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई. इनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनके एक सुरक्षा गार्ड और विमान के चालक दल के सदस्य शामिल थे. हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 28 से 30 जनवरी तक तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में झंडा आधा झुका रहेगा और कोई भी औपचारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अजित पवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए निजी विमान लियर जेट 45 से रवाना हुए थे. उन्हें आगामी जिला परिषद चुनावों के मद्देनजर बारामती में चार जनसभाओं में हिस्सा लेना था. विमान जब बारामती हवाई अड्डे पर उतर रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी आ गई. पायलट विमान पर नियंत्रण नहीं रख पाए और वह रनवे के किनारे जा टकराया. टकराते ही विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में पूरा विमान लपटों में घिर गया. दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया. हालांकि आग इतनी तेज थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका. घटनास्थल से उठता धुआं दूर तक देखा गया, जिसने हादसे की भयावहता को साफ दिखा दिया.
बताते चलें कि अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार 29 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान परिसर में किया जाएगा. उनके निधन से राजनीतिक जगत के साथ साथ आम लोग भी गमगीन हैं. अजित पवार को एक कर्मठ, स्पष्टवादी और जमीनी नेता के रूप में याद किया जा रहा है. उनका अचानक जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा.
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