आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड पर ममता बनर्जी पर बरसीं अग्निमित्रा पॉल, कहा-वोट बैंक के आगे इंसानी जान की कोई कीमत नहीं

आईएएनएस से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि डिप्टी मैनेजर और मैनेजर को गिरफ्तार करने से क्या फायदा. मालिक को गिरफ्तार करना चाहिए. डिप्टी मैनेजर ने फायर लाइसेंस का इंतजाम नहीं किया था.

Author
30 Jan 2026
( Updated: 30 Jan 2026
09:35 PM )
आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड पर ममता बनर्जी पर बरसीं अग्निमित्रा पॉल, कहा-वोट बैंक के आगे इंसानी जान की कोई कीमत नहीं

भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने आनंदपुर स्थित वेयरहाउस में लगी भीषण आग की घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती हैं और लोगों की मौत पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है. अगर पछतावा होता तो वेयरहाउस के मालिक की गिरफ्तारी हो चुकी होती. 

आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड पर ममता बनर्जी पर भड़कीं अग्निमित्रा पॉल

आईएएनएस से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि डिप्टी मैनेजर और मैनेजर को गिरफ्तार करने से क्या फायदा. मालिक को गिरफ्तार करना चाहिए. डिप्टी मैनेजर ने फायर लाइसेंस का इंतजाम नहीं किया था. मोमो फैक्ट्री के पास फायर लाइसेंस नहीं था. इसकी पुष्टि फायर डिपार्टमेंट के डीजी ने की है. इस गोदाम चलाने के लिए इजाजत कैसे दी गई. इस घटना के लिए मालिक जिम्मेदार है. मालिक को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, पांच दिन हो गए हैं.

अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी पर साधा निशाना

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मालिक की गिरफ्तारी नहीं होने के पीछे यह चीज स्पष्ट हो गई है कि मोटी रकम टीएमसी के पास जाता है, आई-पैक ऑफिस में जाता है. बंगाल में जगह-जगह अवैध गतिविधियां चल रही हैं, जिनसे लीगल के नाम पर टीएमसी पैसा वसूलती है. पांच दिन बीत चुके हैं, अभी तक डीएनए टेस्ट नहीं हुआ है. इस घटना में इतने लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन सिर्फ 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है. ममता बनर्जी को सिर्फ वोट की राजनीति आती है.

"मुख्यमंत्री पूरे राज्य में जो नफरत की राजनीति कर रही हैं"

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे राज्य में जो नफरत की राजनीति कर रही हैं, पश्चिम बंगाल के लोग आपको उसका करारा जवाब देंगे.

यह भी पढ़ें

टीएमसी से निलंबित नेता हुमायूं कबीर का जिक्र करते हुए भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि चाहे आप तृणमूल से निकाले गए हुमायूं कबीर की बात करें या सीपीआईएम के मोहम्मद सलीम की. यह दोनों असल में तृणमूल की 'बी-टीम' हैं, जो ममता बनर्जी के लिए काम कर रहे हैं. दोनों की विचारधारा, नीतियां और सिद्धांत एक जैसे हैं. लेफ्ट के 34 साल के शासन के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में लाया गया और वोटिंग करवाई गई. उस समय ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया था क्योंकि तब वे मुख्यमंत्री नहीं थीं. लेकिन अब जब वे मुख्यमंत्री हैं, तो उन्हें उन वोटों की जरूरत है. मुस्लिम वोटों के लिए सब एक हो चुके हैं.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
Startup का सबसे बड़ा भ्रम | हकीकत जो आपको कोई नहीं बताता | Abhishek Kar Podcast
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें