बारामती हवाई हादसे के बाद टला एक और बड़ा हादसा... जयपुर में एअर इंडिया की लैंडिंग फेल, बाल-बाल बचे कांग्रेस के दिग्गज नेता
अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के कुछ घंटों बाद जयपुर में एअर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 की लैंडिंग फेल हो गई. दिल्ली से जयपुर आ रहे इस विमान में सुखजिंदर सिंह रंधावा सवार थे. अनस्टेबल अप्रोच के चलते पायलट ने गो-अराउंड किया और दूसरी कोशिश में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.
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बुधवार 28 जनवरी 2026 का दिन देश की राजनीति और हवाई यात्रा के लिहाज से बेहद संवेदनशील साबित हुआ. महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के कुछ ही घंटों बाद जयपुर में एअर इंडिया के विमान की लैंडिंग फेल हो गई. इस विमान में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सवार थे. दिल्ली से जयपुर जा रही इस फ्लाइट में मौजूद यात्रियों की सांसें उस वक्त थम गईं, जब रनवे पर उतरते ही विमान को दोबारा हवा में उठाना पड़ा.
जयपुर एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
एअर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 ने दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पर पहली बार लैंडिंग का प्रयास किया. लेकिन रनवे पर टच होते ही पायलट को स्थिति असुरक्षित लगी. बताया जा रहा है कि रनवे कंडीशन या तकनीकी कारणों से विमान की अप्रोच अनस्टेबल हो गई थी. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने तुरंत विमान को गो-अराउंड कराया और रनवे से टेकऑफ कर लिया. इसके बाद विमान करीब 10 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा. दूसरी कोशिश में पायलट ने पूरी सतर्कता के साथ विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई. इस घटना में सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं.
किसे कहते हैं गो-अराउंड?
एविएशन जानकारों के अनुसार, गो-अराउंड कोई असामान्य स्थिति नहीं है. जब पायलट को यह लगता है कि लैंडिंग के दौरान जरा भी खतरा हो सकता है, तो वह विमान को उतारने के बजाय दोबारा ऊपर ले जाने का फैसला करता है. इसे ही गो-अराउंड कहा जाता है. यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का हिस्सा है और कई बार बड़े हादसों को टालने में अहम भूमिका निभाती है.
कुछ घंटे पहले हादसे का शिकार हुए थे अजित पवार
इससे कुछ घंटे पहले ही महाराष्ट्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई थी. डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह Learjet 45 विमान रनवे से फिसल गया और उसमें आग लग गई. विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें अजित पवार, दो पायलट, दो स्टाफ मेंबर और एक क्रू मेंबर शामिल थे. इस भीषण हादसे में सभी की मौत हो गई. अजित पवार मौजूदा महाराष्ट्र सरकार में वित्त और योजना मंत्री भी थे. उन्हें अगले महीने 23 फरवरी से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के बजट सत्र में 2026-27 का बजट पेश करना था. उनके अचानक निधन से न सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका लगा है, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है.
बताते चलें कि एक ही दिन में हुई इन दो घटनाओं ने हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां जयपुर में पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, वहीं बारामती में हुई दुर्घटना ने यह याद दिला दिया कि तकनीक के इस दौर में भी हवाई यात्रा में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कितना जरूरी है. यह समय है कि इन घटनाओं से सबक लेकर हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए.
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