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"मां का अथाह प्रेम": मदर्स डे पर बिहार की प्रेरणादायी माताओं को किया गया सम्मानित
विधायक एवं प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर की माता भारती ठाकुर, स्वच्छता एवं नमामि गंगे अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ. नीतू कुमारी नवगीत की माता शैल बाला, लोकप्रिय रेडियो जॉकी आरजे अंजली की माता संजुक्ता सिंह को सम्मानित किया गया.
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मदर्स डे के पावन अवसर पर मातृ शक्ति के त्याग और संस्कार को नमन करते हुए इन्दिरा आईवीएफ, पटना ने बिहार की प्रेरणादायी माताओं को सम्मानित कर मातृत्व की महान शक्ति को सलाम किया. “मां का अथाह प्रेम” थीम पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उन माताओं को सम्मानित किया गया, जिनके संस्कार, संघर्ष और समर्पण ने उनके बच्चों को समाज में एक विशिष्ट पहचान दिलाई.
मैथिली ठाकुर, नीतू कुमारी नवगीत की माता को सम्मानित किया गया
इस अवसर पर अलीनगर विधायक एवं प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर की माता भारती ठाकुर, स्वच्छता एवं नमामि गंगे अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ. नीतू कुमारी नवगीत की माता शैल बाला, लोकप्रिय रेडियो जॉकी आरजे अंजली की माता संजुक्ता सिंह, आरजे रमा की माता संगीता रानी, नालंदा दस्तक के लोकप्रिय यूट्यूबर एवं इंफ्लुएंसर अमित चौरसिया की माता धर्मशिला देवी तथा एडवे मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मनोज कुमार की माता मीला देवी को सम्मानित किया गया.
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मदर्स डे के उपलक्ष्य में अशोक वृक्ष को जल अर्पित किया गया
इन सभी माताओं ने साधारण पृष्ठभूमि में रहकर अपने बच्चों के सपनों को संवारने, संघर्षों में उनका साथ देने और उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्यक्रम में सभी माताओं को सम्मान पत्र, शॉल एवं क्राउन भेंट कर सम्मानित किया गया तथा मदर्स डे के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा अशोक वृक्ष को जल अर्पित कर की गई, जो मां के अटल प्रेम, धैर्य और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है.
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हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी मां का संघर्ष
इन्दिरा आईवीएफ एवं मेटकेयर ग्रुप, पटना सेंटर हेड एवं एम्ब्रायोलॉजिस्ट डॉ. दयानिधि कुमार ने स्वागत भाषण में कहा कि मां के समान त्याग और तप दुनिया में कोई नहीं कर सकता. हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी मां के संघर्ष, संस्कार और आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि इन्दिरा आईवीएफ उन महिलाओं के जीवन में मातृत्व की खुशियां लाने का कार्य कर रहा है, जो लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं. आज इन्दिरा आईवीएफ पूरे भारत में 2 लाख से अधिक तथा बिहार में 25 हजार से अधिक परिवारों के जीवन में मातृत्व की खुशियां ला चुका है.
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विधायक एवं लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने कहा-
मां के त्याग और प्रेम का वर्णन शब्दों में संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनकी मां के संस्कार, समर्पण और आशीर्वाद की सबसे बड़ी भूमिका है.
डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने कहा-
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मां केवल जन्म नहीं देती, बल्कि जीवन जीने की दिशा भी देती है. स्वच्छ समाज और जागरूकता के प्रति जो प्रेरणा उन्हें मिली, उसकी शुरुआत उनके घर और मां के संस्कारों से हुई. आरजे अंजली ने कहा कि हर बेटी के आत्मविश्वास के पीछे उसकी मां का विश्वास होता है. मां ही वह शक्ति है, जो हर कठिन परिस्थिति में हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.
आरजे रमा ने कहा कि छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखने का साहस उन्हें अपनी मां से मिला. मां के प्रोत्साहन ने ही उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने की प्रेरणा दी.
अमित चौरसिया ने कहा कि समाज में अलग राह चुनना आसान नहीं था, लेकिन उनकी मां ने हमेशा उन पर विश्वास किया. आज जो पहचान उन्हें मिली है, उसके पीछे मां का त्याग और समर्थन सबसे बड़ी ताकत है.
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मनोज कुमार ने कहा कि सफलता केवल बड़े पद या पारंपरिक पेशों से नहीं, बल्कि ईमानदारी और मेहनत से मिलती है. उन्होंने कहा कि संघर्ष के दिनों में उनकी मां ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया.
कार्यक्रम के दौरान इन्दिरा आईवीएफ द्वारा सभी आईवीएफ गर्भवती महिलाओं को फलदार पौधे भेंट किए गए. इस पहल के माध्यम से “एक पेड़ आपके आने वाले बच्चे के नाम” का संदेश दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को हरियाली, स्वस्थ जीवन और प्रकृति से जुड़ाव का प्रेरणादायी संदेश मिल सके. कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार एक वृक्ष समय के साथ बढ़कर छाया, फल और जीवन देता है, उसी प्रकार बच्चे भी परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुजा मिश्रा एवं डॉ. शिप्रा भारती ने किया. वहीं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनीता कुमारी द्वारा प्रस्तुत किया गया.
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कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मातृत्व का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि समाज में वैज्ञानिक फर्टिलिटी उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को मातृत्व सुख की ओर प्रेरित करना भी था.
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“मां के बिना दुनिया अधूरी है”- इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन भावुक और प्रेरणादायी वातावरण में हुआ.