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अमेरिका में जन्मा एक शख़्स कैसे बन गया बाबा, जानिए मोक्ष पुरी बाबा की पूरी कहानी

कुंभनगरी प्रयागराज में संत महात्माओं की भीड़ के बीच एक बाबा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इनका नाम है मोक्ष पुरी बाबा जिनका जन्म अमेरिका में हुआ। जानिए उनकी पूरी कहानी।

अमेरिका में जन्मा एक शख़्स कैसे बन गया बाबा, जानिए मोक्ष पुरी बाबा की पूरी कहानी
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कुंभनगरी प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है। इस मेले में भाग लेने के लिए दूर-दराज, देश-विदेश से संत महात्माओं का जमावड़ा लग रहा है। कई संत-महात्मा, नागा साधु, साधवी यहां पहुंच रहें है। इसी बीच एक अमेरिकन बाबा सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए है। इनका नाम है मोक्ष पुरी बाबा, जिनका जन्म अमेरिका के न्यूमैक्सिको में हुआ। लेकिन बारत की संस्कृति और सनातन धर्म का प्भाव इनपर ऐसा पड़ा की आज ये बाबा बन चुके है।

न्यू मैक्सिको के आध्यात्मिक साधक मोक्ष पुरी बाबा प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में एक प्रमुख संत बन गए हैं, जिकी खुब चर्चा हो रही है। United States of America में जन्मे मोक्ष पुरी बाबा जूना अखाड़े से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपना जीवन सनातन धर्म के अभ्यास और प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है।

मोक्ष पुरी बाबा की कहानी

इंडिया टीवी. इन के रिपोर्ट के अनुसार न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, मोक्ष पुरी बाबा ने अपनी अनूठी यात्रा के बारे में जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म को अपनाने से पहले उन्होंने सेना में काम किया है इसके अलावा मछली पकड़ने वाला खेल भी खेला है। उन्होंने कहा कि पिछले जीवन के अनुभवों से मेरी केयर खत्म हो गई है और मुझे सनातन धर्म व बौद्ध धर्म के बारे में कुछ चीजें जल्दी सिखाई गईं थीं।"

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उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में भी बताया। दरअसल उनकी मुलाकात उनकी पत्नी से हवाई द्वीप हुई तब उनके जीवन में एक परिवर्तनकारी मोड़ आया। वो कहते है कि मैं अपनी पत्नी से हवाई द्वीप पर मिला था और वहीं हमारा एक आपसी संबंध था। उन्होंने अपने सनातन धर्म के साथ एक गहरा संबंध के बारे में बताया और कहा कि यही संबंध है जो अंत में हमें 25 साल पहले प्रयागराज लाया था।

भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के मोक्ष पुरी बाबा गहरा संबंध

अमेरिका से आए ये बाबा भारतीय संस्कृति से काभी प्रभावित है। मोक्ष पुरी बाबा का भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के साथ गहरा संबंध है। और इसी संबंध ने उन्हें अपनी वेस्ट्रन लाइफस्टाइल को भूलकर सनातन धर्म की पारंपरिक प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कुंभ मेले में वह ध्यान, योग और भारतीय दर्शन की गहन शिक्षाओं को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। उनकी सरल जीवनशैली और आध्यात्मिक ज्ञान ने हजारों भक्तों और आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे वह क्रॉस-सांस्कृतिक सद्भाव के प्रतीक बन गए हैं।

एक साधु के रूप में भविष्य पर बाबा का जवाब

मोक्ष पुरी बाबा ने न्यू मैक्सिको के ट्रुथ ऑर कॉन्सिक्वेंसेस में एक आश्रम खेलने की बात कही है। इस आश्रम में वो सनातन धर्म के संदेश को विश्व स्तर पर फैलेगा। एएनआई की टीम ने जब उनसे एक साधु के रूप में उनके भविष्य के बारे में पूछा को बाबा ने पुष्टि की, "जब तक मैं जीवित हूं, मैं करूंगा, यह मेरा जीवन है। मेरा लक्ष्य मोक्ष पुरी बनना है।"

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जहां एक तरफ हमारे यूथ सनातन और हमारी भारतीय संस्कृति से दूर दूर रहते है। वहीं दूसरी तरफ कुंभ मेले में मोक्ष पुरी बाबा की उपस्थिति कई मायनों में प्रेरित कर रही है। बाबा का आगमन भारत की आध्यात्मिक विरासत की सार्वभौमिक अपील को उजागर करती है। ये अपील दुनिया भर के लोगों के साथ प्रतिध्वनित होती है। यह त्योहार में भाग लेने वाले लाखों लोगों के बीच जिज्ञासा और प्रशंसा को बढ़ावा देती है।

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