महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंच रहे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, संतो से भी कर सकते है मुलाक़ात

यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आम से लेकर ख़ास सभी तरह के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। इसी क्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शनिवार में संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे है।

महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंच रहे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, संतो से भी कर सकते है मुलाक़ात
यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आम से लेकर ख़ास सभी तरह के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। इसी क्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शनिवार में संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे है। वो महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। इसके साथ ही तमाम धर्माचार्यों से मुलाक़ात भी कर सकते है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और भी ज़्यादा मुस्तैद कर दिया गया है। 


सीएम योगी भी रहेंगे मौजूद 

केंद्रीय मंत्री संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे और फिर अक्षय वट, पातालपुरी मंदिर, सरस्वती कुंड और हनुमान मंदिर सहित प्रमुख स्थलों में पूजा पाठ करेंगे। राजनाथ की यात्रा भव्य धार्मिक आयोजन का हिस्सा है, जिसमें देश और दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस साल महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हुई, जो 26 फरवरी तक चलेगा। इसमें देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। राजनाथ सिंह के दौरे के अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 18 जनवरी को महाकुंभ का दौरा करने वाले हैं। मुख्यमंत्री चल रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा उपायों सहित विशाल मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।


गोताखोर की बड़ी टीम संगम पर मौजूद 

शनिवार को महाकुंभ का छठा दिन है और पवित्र स्नान के लिए संगम के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। यह आध्यात्मिक आयोजन दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है, जिसमें श्रद्धालु पवित्र 'अमृत स्नान' या शाही स्नान उत्सव के लिए आते हैं। पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर हुआ था, जबकि दूसरा 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर होगा और तीसरा 3 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के 220 विशेषज्ञ गोताखोरों की एक समर्पित टीम को संगम पर तैनात किया गया है। पवित्र स्नान अनुष्ठानों के दौरान 24 घंटे निगरानी बनाए रखने के लिए गोताखोर 700 नावों की सहायता से शिफ्ट में काम करते हैं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, जल पुलिस और स्वास्थ्य सेवा दल के सुरक्षाकर्मी भी पूरे आयोजन के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए समन्वय में काम कर रहे हैं। आगंतुकों की बढ़ती संख्या को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने अपनी आवास सुविधाओं को बेहतर किया है। महाकुंभ क्षेत्र में 300 बेड वाला एक शानदार हॉस्टल बनाया गया है, जिसमें तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों दोनों के लिए बेहतरीन आवास विकल्प उपलब्ध हैं।

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