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कर्ज में डूबे टीवी स्टार्स? हर्ष, भारती और रीम शेख ने खोली इंडस्ट्री की पोल
टीवी इंडस्ट्री इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है. हर्ष लिंबाचिया, भारती सिंह और रीम शेख जैसे कलाकारों ने खुलासा किया है कि कैसे घटते बजट और टीआरपी के कारण एक्टर्स को कम फीस मिल रही है और कई लोग कर्ज में डूबे हैं. जानिए टेलीविजन दुनिया की वो सच्चाई जो पर्दे के पीछे छिपी है.
टीवी की चमक-धमक भले ही दर्शकों को पर्दे पर एक भव्य दुनिया दिखाए, लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई काफी चिंताजनक है. मौजूदा समय में टेलीविजन इंडस्ट्री भारी आर्थिक दबाव से जूझ रही है. बड़े सितारे भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि लगातार गिरती टीआरपी, घटते बजट और सीमित संसाधनों के चलते इंडस्ट्री की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है.
कर्ज लेकर चल रही है जिंदगी
हाल ही में एक पॉडकास्ट में कॉमेडियन जोड़ी हर्ष लिंबाचिया और भारती सिंह ने खुलकर बताया कि भले ही वे अलग-अलग चैनलों पर एक्टिव हैं, लेकिन उनकी कमाई उतनी नहीं है जितनी लोग समझते हैं. हर्ष ने कहा, “लोग सोचते हैं कि हम करोड़ों में खेल रहे हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि कई बार काम न छूटे, इसलिए जो भी मिलता है, ले लेते हैं.” भारती ने मजाक में कहा, “हम इतने कर्ज में हैं कि दूधवाले को देखकर भी डर लगने लगा है!”
रीम शेख का अनुभव: “नाम बड़ा, आमदनी छोटी”
टीवी की चर्चित एक्ट्रेस रीम शेख ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 'राब्ता' जैसे पॉपुलर शो में काम करने के बाद भी उम्मीद से बहुत कम कमाई की. उनका कहना है कि अब कलाकारों को महीने के हिसाब से 50,000 रुपये में फिक्स किया जाता है, फिर उनसे 20-30 दिन का काम लिया जाता है वो भी बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के.
यूट्यूब की ओर बढ़ता रुझान
हर्ष ने बताया कि कई तकनीशियन, डायरेक्टर और राइटर अब यूट्यूब या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर चुके हैं, क्योंकि टेलीविजन में काम की मात्रा तो है, लेकिन बजट नहीं. उन्होंने कहा- “अब लोग इंडस्ट्री पर निर्भर नहीं रहना चाहते,”
इन सबके बीच, भारती सिंह और रीम शेख "लाफ्टर शेफ सीजन 2" में नजर आ रही हैं. शो में कृष्णा अभिषेक, रुबीना दिलैक, करण कुंद्रा, एल्विश यादव, अंकिता लोखंडे जैसे बड़े नाम हैं. मगर सवाल ये है कि क्या ये बड़े नाम भी अब टीवी से उतनी कमाई कर पा रहे हैं जितनी पहले हुआ करती थी?
टीवी इंडस्ट्री की ये सच्चाई उन दर्शकों के लिए आंख खोलने वाली है, जो हमेशा पर्दे की ग्लैमर से प्रभावित रहते हैं. असल में, आज एक्टर्स और क्रिएटिव टीम दोनों को अपने पैशन के साथ-साथ अपनी आर्थिक स्थिति के लिए भी कड़ी लड़ाई लड़नी पड़ रही है.
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