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Apple TV और Google Play पर दिनेश सोई की फिल्म ’The Water Kingdom’ ने मचाई धूम, पर्यावरण संरक्षण पर दुनिया को दी चेतावनी

OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई ‘द वाटर किंगडम’ वैज्ञानिक महत्वाकांक्षा और प्रकृति के मौन प्रतिरोध की पृष्ठभूमि पर आधाराति फिल्म है, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है.

दिनेश सुदर्शन सोई द्वारा लिखित, निर्देशित और सह-निर्मित लघु फिल्म 'द वाटर किंगडम' अब एप्पल टीवी (Apple TV) और यूट्यूब मूवीज (Google Play) पर रिलीज हो चुकी है. यह फिल्म एक शानदार विजुअल अनुभव के साथ-साथ पर्यावरण विनाश, जल प्रदूषण और प्रकृति व मानवता के बीच के नाजुक संतुलन जैसे गंभीर विषयों पर प्रहार करती है.

वैज्ञानिक महत्वाकांक्षा और प्रकृति के मौन प्रतिरोध की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म दिखाती है कि कैसे मानवीय प्रयोग समुद्र के प्राकृतिक क्रम को बाधित करते हैं, जिसके विनाशकारी परिणाम सामने आते हैं. जब विज्ञान और अंतरात्मा के बीच टकराव होता है, तो समुद्र स्वयं एक सक्रिय शक्ति बनकर जवाबदेही और सह-अस्तित्व की मांग करने लगता है.

फिल्म के प्रमुख पात्र और अभिनय

  • राहुल देव (डेविड): वाटर साइंस डिपार्टमेंट के प्रमुख के रूप में राहुल देव ने एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. उनका किरदार एक ऐसे जुनूनी वैज्ञानिक का है जिसकी प्रगति की भूख ही उसकी ताकत और कमजोरी दोनों बन जाती है.
  • गणनय चड्ढा (स्टॉर्म): वे एक रहस्यमयी समुद्री इकाई 'स्टॉर्म' के रूप में नजर आए हैं, जो मानवीय शोषण के प्रति प्रकृति की प्रतिक्रिया का प्रतिनिधित्व करता है. अपने शक्तिशाली संवादों और आकर्षक स्क्रीन प्रेजेंस के साथ, गणनय ने समुद्र के क्रोध और दया दोनों को बखूबी दर्शाया है.
  • डॉली सिंह (सेरेना): डॉली ने सेरेना का किरदार निभाया है, जो मूल रूप से समुद्र लोक की है लेकिन मानव समाज में घुल-मिल गई है और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी (NIO) में अधिकारी के रूप में कार्यरत है. वह शांतिपूर्ण संवाद में विश्वास रखने वाली एक दयालु युवती हैं.
  • प्रज्ञा मिश्रा (एमिली): डेविड के रिसर्च सेंटर में एक युवा वकील के रूप में प्रज्ञा 'विवेक की आवाज' बनी हैं. वह डेविड को याद दिलाती रहती है कि मानवता की भलाई के लिए प्रकृति को कीमत चुकानी पड़ रही है.
  • संदीप सिंह और माएशा सोई: संदीप सिंह ने 'जॉन' की भूमिका निभाई है, जबकि माएशा सोई ने उनकी बेटी 'माएशा' का किरदार निभाया है. माएशा के मासूम सवाल—जैसे कि क्या पानी में जीवन है या क्या इंसानों को जीव हत्या का अधिकार है—फिल्म के मूल विषय को गहराई देते हैं.
  • सुमैय्या अजीज: इन्होंने मुख्य अन्वेषक (Lead Investigator) की भूमिका निभाई है, जो पानी में बढ़ते प्रदूषण के खतरों का अध्ययन करती हैं. 

निर्माण और तकनीकी पक्ष

डॉली स्टूडियोज के तहत संदीप सिंह और चलचित्र फिल्म्स के तहत आशीष प्रभुगांवकर द्वारा निर्मित इस फिल्म को एक मजबूत तकनीकी टीम का समर्थन मिला है. विकास के. शर्मा की सिनेमैटोग्राफी ने सिंधुदुर्ग के तटीय परिदृश्यों की लुभावनी सुंदरता को कैमरे में कैद किया है.
फिल्म में सोनिया मल्होत्रा सोई क्रिएटिव डायरेक्टर हैं, जबकि दिनेश सुदर्शन सोई और गुरप्रीत कौर चड्ढा सह-निर्माता हैं. दीपक सोई ने 'डीएस क्रिएशन्स एंटरटेनमेंट' के तहत कार्यकारी निर्माता के रूप में रसद और उत्पादन की जिम्मेदारी संभाली है.

निर्देशक और निर्माताओं का संदेश

निर्माता आशीष प्रभुगांवकर ने जल निकायों की रक्षा करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) पर ईमानदारी से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया. 

लेखक, निर्देशक और सह-निर्माता दिनेश सुदर्शन सोई ने् क्या कहा?

"समुद्र की आत्मा को मानवता को वास्तविकता दिखाने के लिए बाहर क्यों आना पड़ा? क्या हमारे महासागर पहले से ही मानवीय कार्यों के कारण प्रदूषण और क्षति नहीं झेल रहे हैं? प्रकृति आखिर कब तक हमारे लालच को सहेगी? 'द वाटर किंगडम' मानवीय चेतना को जगाने की एक कहानी है—एक शक्तिशाली अनुस्मारक कि प्रकृति का सम्मान करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारे ग्रह को सुरक्षित रखने का एकमात्र तरीका है.”

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