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भारतीय नौसेना में बड़ा बदलाव! संजय वात्स्यायन बने पश्चिमी नौसैनिक कमान के नए चीफ
भारतीय नौसेना की पश्चिमी नौसैनिक कमान में बड़ा बदलाव किया गया है. संजय वत्सयान को नया फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया है. मुंबई स्थित यह कमान भारतीय नौसेना की ‘स्ट्राइक फोर्स’ मानी जाती है, जो अरब सागर में समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है.
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भारतीय नौसेना की पश्चिमी नौसैनिक कमान में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन किया गया है. इसके अंतर्गत संजय वत्स्यायन को पश्चिमी नौसैनिक कमान का नया फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया है. वाइस एडमिरल वात्स्यायन वर्तमान में उप नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। अब देश की सबसे रणनीतिक नौसैनिक कमानों में से एक की जिम्मेदारी संभालेंगे.
पश्चिमी नौसैनिक कमान क्यों है अहम?
गौरतलब है कि पश्चिमी नौसैनिक कमान का मुख्यालय मुंबई में स्थित है. इस नौसैनिक कमान को भारतीय नौसेना की ‘स्ट्राइक फोर्स’ माना जाता है. यह कमान अरब सागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा, युद्धक तैयारी और रणनीतिक अभियानों की जिम्मेदारी निभाती है. पश्चिमी समुद्री सीमाओं की निगरानी और समुद्री हितों की रक्षा में इसकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.
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वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन का सैन्य सफर
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वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन जनवरी 1988 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वे गनरी और मिसाइल प्रणाली के विशेषज्ञ अधिकारी हैं। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई प्रमुख युद्धपोतों और नौसैनिक इकाइयों का नेतृत्व किया है. वह भारतीय नौसेना के संजय वत्स्यायन, INS विभूति INS कुठार और INS सह्याद्री जैसे महत्वपूर्ण युद्धपोतों की कमान संभाल चुके हैं. वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन पूर्वी बेड़े के कमांडर, पूर्वी नौसैनिक कमान के चीफ ऑफ स्टाफ तथा एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय में नीति, योजना और बल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया.
कई प्रतिष्ठित सम्मान से हो चुके हैं सम्मानित
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बीते वर्ष अगस्त 2025 में उन्होंने भारतीय नौसेना के 47वें उप नौसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया था. उत्कृष्ट सेवाओं और नेतृत्व के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और नौसेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके व्यापक संचालन अनुभव, सामरिक समझ और नेतृत्व क्षमता से पश्चिमी नौसैनिक कमान की युद्धक तैयारी और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. गौरतलब है कि सरकार ने शनिवार 9 अप्रैल को ही कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है.
नौसेना प्रमुख पद पर भी होगा बदलाव
भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई को सेवा से सेवानिवृत्त होंगे. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के सेवानिवृत्त होने के उपरांत कृष्णा स्वामीनाथन यह पद संभालेंगे. वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 जुलाई 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार ग्रहण किया था. फ्लैग ऑफिसर कृष्णा स्वामीनाथन को 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था.वह संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ हैं.
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बताते चलें कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, यूनाइटेड किंगडम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र हैं.