ये 6 कारण जो शेयर बाजार में अचानक भगदड़ का कारण बने, मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट आई, जिससे मिनटों में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसके पीछे मुख्य कारण और प्रमुख सेक्टरों में कमजोरी बताए जा रहे हैं. निवेशकों को इस समय सतर्क रहने और समझदारी से निर्णय लेने की जरूरत है.

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25 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:16 PM )
ये 6 कारण जो शेयर बाजार में अचानक भगदड़ का कारण बने, मिनटों में निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ डूबे
Stock Market

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है. सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹4 लाख करोड़ से अधिक घटकर ₹460.6 लाख करोड़ रह गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अमेरिकी टैरिफ नीतियों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण आई है.

अमेरिकी टैरिफ नीति का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इससे निर्यातकों की आय पर दबाव बना है और निवेशकों की धारणा नकारात्मक हुई है. इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी पड़ा, जिससे दोनों इंडेक्स में गिरावट आई. 

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

अक्टूबर महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने ₹67,310.80 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है, जो पिछले 4.5 सालों में किसी एक महीने में की गई सबसे अधिक बिकवाली है. इस बिकवाली के कारण बाजार में दबाव बना और गिरावट आई. 

रुपये में कमजोरी

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण रुपये में कमजोरी आई है. इससे आयात महंगा हुआ है और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ा है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है. 

चीन की आर्थिक मंदी का प्रभाव

चीन की आर्थिक मंदी और वैश्विक ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया है. इन अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने जोखिम कम किया और बाजार में गिरावट आई. 

घरेलू निवेशकों का निवेश

घरेलू निवेशकों ने बाजार में गिरावट के बावजूद ₹3,176 करोड़ के शेयर खरीदे, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, बाजार में रिकवरी मुश्किल होगी. 

तकनीकी संकेतकों का प्रभाव

तकनीकी संकेतकों ने भी बाजार में गिरावट के संकेत दिए, जिससे निवेशकों ने सतर्कता बरती. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,033–24,977 का सपोर्ट लेवल महत्वपूर्ण रहेगा.

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इन कारणों से भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश निर्णय लेने चाहिए और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए.

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