बकायेदारों पर मेहरबान योगी सरकार, 30 दिन में भुगतान करने पर मिलेगा डबल फायदा

CM Yogi: इस योजना का मकसद उन लोगों को राहत देना है जो किसी वजह से समय पर किस्त या पूरा भुगतान नहीं कर पाए और अब दंड ब्याज व कानूनी कार्रवाई के डर से परेशान हैं. सरकार की यह पहल लोगों को एक बार फिर से साफ तरीके से अपनी संपत्ति का मालिक बनने का मौका देगी..

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OTS Yojana: यह खबर उत्तर प्रदेश में मकान और प्लॉट खरीदने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शासन के आवास विभाग ने डिफॉल्टर आवंटियों की समस्याओं को खत्म करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना यानी ओटीएस–2026 का मसौदा तैयार कर लिया है. इस योजना का मकसद उन लोगों को राहत देना है जो किसी वजह से समय पर किस्त या पूरा भुगतान नहीं कर पाए और अब दंड ब्याज व कानूनी कार्रवाई के डर से परेशान हैं. सरकार की यह पहल लोगों को एक बार फिर से साफ तरीके से अपनी संपत्ति का मालिक बनने का मौका देगी..

पहली बार ओटीएस में मिलेगा दोहरा फायदा

ओटीएस–2026 की सबसे खास बात यह है कि इसमें आवंटियों को दोहरा लाभ दिया जा रहा है. एक तरफ जहां डिफॉल्टरों पर लगने वाला पूरा दंड ब्याज माफ कर दिया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ जो लोग एक महीने के भीतर मकान या प्लॉट की पूरी बकाया राशि जमा कर देंगे, उन्हें अतिरिक्त तीन प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी. यानी समय पर भुगतान करने वालों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा और उनका बोझ काफी कम हो जाएगा.

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किन-किन संपत्तियों पर लागू होगी योजना

यह ओटीएस योजना पहले से कहीं ज्यादा व्यापक बनाई गई है. इसमें सभी प्रकार की आवासीय संपत्तियां शामिल होंगी. इसके अलावा सरकारी संस्थाओं को आवंटित भूखंड, स्कूलों और चैरिटेबल संस्थाओं की संपत्तियां, नीलामी या किसी भी अन्य तरीके से आवंटित व्यवसायिक संपत्तियां, सहकारी आवास समितियों की संपत्तियां और यहां तक कि मानचित्र डिफॉल्टर भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे. यानी लगभग हर तरह के डिफॉल्टर आवंटी को इस बार राहत देने की तैयारी है.

90 दिन तक भुगतान न करने वाले भी होंगे शामिल

योजना के तहत जिन लोगों ने तय तारीख के बाद 90 दिनों तक किस्त या देय धनराशि जमा नहीं की है, उन्हें भी डिफॉल्टर माना जाएगा और वे भी ओटीएस का लाभ उठा सकेंगे.सबसे बड़ी राहत यह है कि ऐसे डिफॉल्टरों से सिर्फ साधारण ब्याज लिया जाएगा, वह भी उसी दर पर जो आवंटन के समय तय की गई थी. किसी भी तरह का अतिरिक्त दंड ब्याज नहीं लगेगा, जिससे बकाया रकम काफी कम हो जाएगी.

भुगतान समायोजन के साफ नियम

ओटीएस–2026 में भुगतान को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं. आवंटी द्वारा जो भी रकम जमा की जाएगी, उसका समायोजन पहले डिफॉल्ट अवधि के ब्याज में किया जाएगा और उसके बाद मूल धनराशि में जोड़ा जाएगा. अगर किसी आवंटी ने पहले ही जरूरत से ज्यादा रकम जमा कर दी है और ओटीएस की गणना के बाद वह राशि अधिक निकलती है, तो वह रकम वापस नहीं की जाएगी. वहीं जिन मामलों में किस्तों का दोबारा निर्धारण किया गया है, वहां ओटीएस की गणना मूल आवंटन शर्तों के आधार पर ही होगी,

सीमित समय के लिए लागू होगी योजना

शासनादेश जारी होने के बाद पहले एक महीने तक इस योजना का बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा. डिफॉल्टर आवंटियों को ई-मेल, एसएमएस और पत्र के जरिए जानकारी दी जाएगी. इसके बाद तीन महीने तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. तय समय सीमा खत्म होने के बाद किसी भी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवेदन की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी. ऑनलाइन आवेदन के लिए www.awasbandhu.in पर लिंक और विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी.

आवेदन न करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जो डिफॉल्टर इस ओटीएस योजना में आवेदन नहीं करेंगे या समय पर भुगतान नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि उनकी संपत्तियां भी जब्त की जा सकती हैं. वहीं अगर आवेदन निस्तारण में अधिकारियों द्वारा अनावश्यक देरी की गई, तो उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और होने वाली वित्तीय क्षति की वसूली भी की जाएगी.

हजारों आवंटियों को मिलेगी राहत

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री ने ओटीएस योजना को मंजूरी दे दी है और बहुत जल्द इसे लागू किया जाएगा. आदेश जारी होते ही योजना प्रभावी हो जाएगी. इससे उत्तर प्रदेश में समय पर मकान या प्लॉट की किस्तें न जमा कर पाने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी कानूनी झंझट के अपनी संपत्ति का पूरा अधिकार पा सकेंगे.

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