पासपोर्ट धारकों को राहत, बिना अपॉइंटमेंट UP के 4 शहरों में होगी समस्याओं की सुनवाई

Passport Rules: यह मेला लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट कार्यालय के अलावा कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शुरू होगा. क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के अंतर्गत आने वाले 49 जिलों के आवेदक इस मेले में पहुंचकर अपनी परेशानी का मौके पर निराकरण करा सकेंगे.

Image Source: Social Media

UP: पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के बाद अगर किसी कारणवश पासपोर्ट जारी नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे आवेदकों के लिए 21 फरवरी को एक विशेष जन शिकायत निवारण मेला आयोजित किया जा रहा है. इस मेले में बिना किसी अपॉइंटमेंट के लोग अपनी पासपोर्ट संबंधी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे. यह मेला लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट कार्यालय के अलावा कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शुरू होगा. क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के अंतर्गत आने वाले 49 जिलों के आवेदक इस मेले में पहुंचकर अपनी परेशानी का मौके पर निराकरण करा सकेंगे.

कानूनी मामलों को छोड़कर अन्य बाधाओं का होगा समाधान

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शुभम सिंह ने बताया कि यदि किसी आवेदक का पासपोर्ट कानूनी या विशेष कारणों को छोड़कर अन्य किसी वजह से रुका हुआ है, तो ऐसे मामलों का समाधान इस मेले में मौके पर ही किया जाएगा. उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय प्रतिदिन अपने चार पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से करीब 6100 अपॉइंटमेंट जारी करता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय पर सुविधा मिल सके.

हर दिन हजारों पासपोर्ट हो रहे हैं प्रिंट

पासपोर्ट की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग की ओर से प्रतिदिन करीब 3150 पासपोर्ट प्रिंट किए जा रहे हैं. हर साल पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2024 में जहां 7.33 लाख पासपोर्ट जारी किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 8.09 लाख तक पहुंच गई है.इससे साफ है कि विदेश जाने, पढ़ाई और नौकरी के लिए पासपोर्ट की जरूरत तेजी से बढ़ रही है,

गांव-कस्बों तक पहुंची सुविधा, ‘पासपोर्ट ऑन व्हील’ से मिला लाभ

दूर-दराज के जिलों तक पासपोर्ट सेवा पहुंचाने के लिए विभाग ने ‘पासपोर्ट ऑन व्हील’ योजना शुरू की है. इसके तहत वैन के माध्यम से लोगों के पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. अब तक इस सुविधा के जरिए 1650 पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं. अब आईआईटी और भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान जैसे बड़े संस्थानों की मदद से भी पासपोर्ट वैन चलाई जा रही हैं, जिससे ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके.

पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट की मांग में आई कमी

कई देशों में वीजा के लिए आवेदन करते समय पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट यानी पीसीसी की मांग की जाती है. हालांकि हाल के वर्षों में इसकी मांग में थोड़ी कमी आई है. वर्ष 2024 में जहां 70,636 पीसीसी जारी किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 62,687 रह गई. अधिकारियों के अनुसार, ऐसा कई देशों के दूतावासों द्वारा पीसीसी की मांग कम किए जाने के कारण हुआ है.

दूसरी नागरिकता लेने पर पासपोर्ट सरेंडर करना जरूरी

यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसे भारत में जारी किया गया पासपोर्ट सरेंडर करना होता है.क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने वर्ष 2025 में 62 लोगों को पासपोर्ट सरेंडर करने का प्रमाण पत्र जारी किया है वहीं, वर्ष 2024 में यह संख्या 38 थी, जो इस साल बढ़ गई है.

छात्रों को अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों को लंबी अवधि के वीजा के लिए अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना होता है, जिसे अपास्टिल सेवा कहा जाता है. पहले यह सुविधा केवल दिल्ली में उपलब्ध थी, जिससे छात्रों को काफी परेशानी होती थी. अब विदेश मंत्रालय के अधिकृत पांच एजेंटों के माध्यम से यह सेवा लखनऊ के गोमतीनगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में ही उपलब्ध करा दी गई है. वर्ष 2025 में शुरू हुई इस सेवा से अब तक 313 छात्रों को लाभ मिल चुका है.

वाट्सएप पर भी मिल रही पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी

पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए विभाग ने एक वाट्सएप नंबर 9454004092 जारी किया है. इस नंबर पर पासपोर्ट आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों, प्रक्रिया और अन्य जानकारियां दी जा रही हैं. इसके साथ ही पासपोर्ट बनाने में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें भी इसी वाट्सएप नंबर के जरिए दर्ज की जा सकती हैं. इससे लोगों को आसानी से घर बैठे मदद मिल रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement