UP: ट्रैफिक नियम तोड़े तो खैर नहीं, 5 चालान होते ही छिन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस
UP Traffic Rules: ये बदलाव परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए हैं और इन्हें केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 में संशोधन करके केंद्रीय मोटरयान नियम 2026 के रूप में प्रभावी किया गया है. इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य है कि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए.
UP Traffic Rules: सरकार ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. पहले इन बदलावों को मंजूरी मिल चुकी थी, और अब परिवहन विभाग ने इसकी पूरी और साफ-साफ गाइडलाइन भी जारी कर दी है. ये बदलाव परिवहन विभाग द्वारा लागू किए गए हैं और इन्हें केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 में संशोधन करके केंद्रीय मोटरयान नियम 2026 के रूप में प्रभावी किया गया है. इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य है कि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए.
बार-बार चालान होने पर लाइसेंस होगा निलंबित
अगर कोई वाहन चालक एक साल के अंदर पाँच बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है और उसका चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा. यानी वह तीन महीने तक गाड़ी नहीं चला सकेगा. इस दौरान उसे अयोग्य घोषित किया जाएगा. यह नियम उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना भरकर फिर वही गलती दोहराते हैं.
योगी सरकार का बड़ा फैसला, कैंसर इलाज अब होगा आसान, प्रदेश के हर जिले में 100 बेड की सुविधा
चालान जमा करने और आपत्ति दर्ज करने की समय सीमा
अब किसी भी प्रकार का चालान होने पर उसे जमा करने के लिए 45 दिन का समय दिया जाएगा. यदि वाहन मालिक या चालक को लगता है कि चालान गलत कटा है, तो वह इसी 45 दिन के भीतर आरटीओ कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकता है. अगर इस समय सीमा के अंदर आवेदन नहीं किया गया, तो बाद में कोई राहत नहीं मिलेगी. आरटीओ को शिकायत मिलने के बाद 30 दिन के अंदर उस पर फैसला करना होगा. अगर 30 दिन में शिकायत का निपटारा नहीं होता, तो चालान अपने आप रद्द माना जाएगा. लेकिन अगर आरटीओ के फैसले से भी व्यक्ति संतुष्ट नहीं है, तो वह कोर्ट जा सकता है. इसके लिए पहले उसे चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी, तभी वह अदालत में याचिका दाखिल कर पाएगा.
अब चालान के तरीके भी बदले
नए नियमों के अनुसार अब चालान दो तरीकों से किया जा सकता है भौतिक (यानी मौके पर पर्ची काटकर) और ई-चालान (ऑनलाइन). स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली, जैसे कैमरों के माध्यम से भी चालान किया जा सकेगा. अगर भौतिक चालान किया गया है, तो उसे 15 दिन के अंदर वाहन मालिक तक पहुंचाना जरूरी होगा. वहीं, ई-चालान केवल तीन दिन के भीतर वाहन स्वामी को भेजना अनिवार्य होगा. इससे पूरी प्रक्रिया ज्यादा तेज और पारदर्शी हो जाएगी.
चालान बकाया होने पर वाहन पर रोक
यदि किसी वाहन का चालान बकाया रहता है और समय पर जमा नहीं किया जाता, तो उस वाहन को निरुद्ध (सीज) किया जा सकता है. जब तक चालान की पूरी राशि जमा नहीं होगी, तब तक उस वाहन से जुड़ा कोई भी काम, जैसे ट्रांसफर, फिटनेस, परमिट या अन्य कार्य नहीं किए जाएंगे. सभी एआरटीओ अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं.
अब ट्रैफिक नियम तोड़ना पहले से ज्यादा महंगा और परेशानी वाला हो जाएगा. बार-बार गलती करने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए बंद हो सकता है. चालान भरने या आपत्ति दर्ज करने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा, लेकिन इस समय के बाद कोई छूट नहीं मिलेगी. अगर चालान नहीं भरा तो वाहन जब्त भी हो सकता है. इसलिए बेहतर यही है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग करें.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement