जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

काशी के आसमान में IAF के राफेल-सुखोई की दहाड़! ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य आगाज, 24-25 अक्टूबर को भी वायुसेना दिखाएगी अपना दमखम

UP Wings Over Ganga: गंगा की लहरों के ऊपर गर्जना करते लड़ाकू विमान, आसमान में कलाबाजियां दिखाते राफेल और सुखोई तथा हेलीकॉप्टरों से उतरते जांबाज जवानों ने दर्शकों को भारतीय वायुसेना की ताकत का अहसास कराया.

Author
23 Oct 2026
( Updated: 23 Oct 2026
09:44 AM )
काशी के आसमान में IAF के राफेल-सुखोई की दहाड़! ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य आगाज, 24-25 अक्टूबर को भी वायुसेना दिखाएगी अपना दमखम
Image Source: UP Information Department
Advertisement

IAF Rafales and Sukhois: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गुरुवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक सैन्य क्षमता का शानदार नजारा देखने को मिला. गंगा के ऊपर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की औपचारिक शुरुआत के साथ ही काशी का आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। पहली बार वाराणसी में आयोजित हो रहे इस हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जुटे. राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार, हवा में अचानक दिशा बदलने की क्षमता और हैरतअंगेज एरोबेटिक करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया.
गंगा की लहरों के ऊपर गर्जना करते लड़ाकू विमान, आसमान में कलाबाजियां दिखाते राफेल और सुखोई तथा हेलीकॉप्टरों से उतरते जांबाज जवानों ने दर्शकों को भारतीय वायुसेना की ताकत का अहसास कराया. हवाई प्रदर्शन में विमानों के बीच सटीक तालमेल, पायलटों का कौशल और कठिन परिस्थितियों में विमान को नियंत्रित करने की क्षमता साफ नजर आई. भारतीय वायुसेना की विभिन्न प्रदर्शन टीमों ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन के जरिये भी अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया.

राफेल के करतबों ने बढ़ाया रोमांच

एयर शो में राफेल के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों का रोमांच चरम पर पहुंचा. तेज गति से उड़ान भरते हुए विमान ने अचानक दिशा बदली और गंगा के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर हवाई करतब दिखाए. हवा में तेजी से मोड़ लेने और विभिन्न दिशाओं से उड़ान भरने के दौरान विमान की गति, संतुलन और पायलट के सटीक नियंत्रण का शानदार मेल देखने को मिला. राफेल के 180 डिग्री के मोड़, तेज गति और अचानक कम गति पर उड़ान भरने के प्रदर्शन ने लोगों की निगाहें आसमान पर टिकाए रखीं. वहीं, सुखोई समेत अन्य लड़ाकू विमानों ने भी अपने हवाई कौशल से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं.

Advertisement

       

UP Information Department
UP Information Department

'हिम्मत है तो मुस्लिम CM बनाने का ऐलान करें...', ओम प्रकाश राजभर की अखिलेश यादव को खुली चुनौती

चिनूक से जवानों का प्रदर्शन बना आकर्षण

हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया गया. चिनूक हेलीकॉप्टर से गंगा के ऊपर क्रूज पर जवानों के उतरने का प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा. भारतीय वायुसेना के विशेष बल 'गरुड़' की भागीदारी ने भी कार्यक्रम को विशेष बनाया. लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों से उतरते जवानों के साहस ने दर्शकों के लिए हवाई प्रदर्शन को यादगार बना दिया.

Advertisement

100 विमान और 25 फॉर्मेशन

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हवाई प्रदर्शन में लगभग 100 विमान शामिल हुए . इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल है. इन विमानों ने देशभर के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरी. इनमें चेन्नई के निकट स्थित अरक्कोणम का नौसैनिक अड्डा भी शामिल था. पूरे प्रदर्शन में 25 विमान फॉर्मेशन रखे गए थे.  इनके माध्यम से भारतीय वायुसेना में शामिल विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों की परिचालन क्षमताओं, आपसी तालमेल और वायु योद्धाओं की पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित किया गया.

       

UP Information Department
UP Information Department

प्रदर्शन में एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर शामिल रहे। परिवहन और सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई शामिल हुए,. लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर ने अपनी दक्षता  का प्रदर्शन किया। हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमें भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं. प्रदर्शन में भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर की भी भागीदारी रही.

Advertisement

       

UP Information Department
UP Information Department

ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखी प्रचंड फॉर्मेशन में

हवाई प्रदर्शन में शामिल प्रचंड फॉर्मेशन ने भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, तत्परता और सटीक प्रहार करने की क्षमता को प्रदर्शित किया. इस फॉर्मेशन के माध्यम से अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों की परिचालन क्षमता और राष्ट्रीय उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निर्णायक वायु शक्ति के इस्तेमाल की क्षमता को रेखांकित किया गया . 

‘विंग्स ओवर गंगा’ बनेगा यादगार अनुभव

Advertisement

गंगा के ऊपर आयोजित यह हवाई प्रदर्शन आम लोगों के लिए एक दुर्लभ और रोमांचक अनुभव रहा. इसी विशेषता को ध्यान में रखते हुए इसकी थीम ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखी गई है. 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित इस एयर शो के माध्यम से वाराणसी के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों को भारतीय वायुसेना की क्षमता, आधुनिक सैन्य तकनीक और जवानों के अदम्य साहस को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है.  काशी के घाटों के ऊपर विमानों की गर्जना और आसमान में बनते आकर्षक फॉर्मेशन इस आयोजन को यादगार बना रहे हैं.

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें