Advertisement
अब टीएमसी का खेल खत्म होगा और बंगाल का विकास शुरू होगा: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आज जो अराजकता, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की स्थिति है, यही स्थिति वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में थी. उस समय यूपी में पर्व-त्योहार से पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगा रहता था, लव जिहाद-लैंड जिहाद आम थे और गौ-हत्या सरेआम होती थी.
Advertisement
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में भारी मतदान की अपील की. इस अवसर पर उन्होंने बंगाल की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान में व्याप्त अराजकता-गुंडागर्दी के बीच स्पष्ट अंतर रखते हुए कहा कि बंगाल की धरा रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसी महान विभूतियों की भूमि रही है. यहां की कुम्हार-प्रजापति समुदाय की मिट्टी की कला, छाऊ नृत्य की विश्वविख्यात परंपरा, कुरमाली-संथाली संस्कृति की आत्मीयता और खजूर रस की मिठास बंगाल की असली पहचान हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होवे’, लेकिन अब टीएमसी का खेल समाप्त हो चुका है. अब बंगाल का विकास प्रारंभ होगा.
टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है विकास की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास करें. बंगाल की धरा प्रेरणा की धरा है. बंगाल की धरा भारत को दिशा देने वाली धरा थी. बंगाल में प्रतिभा थी, लेकिन प्रतिभा पलायन कर रही है. बंगाल में पुरुषार्थ था, लेकिन उसे कुंद कर दिया गया है. बंगाल में वह सब कुछ था जो बंगाल को भारत के अंदर नेतृत्व देने का माद्दा रखता था. लेकिन बंगाल को एक साजिश के तहत पहले कांग्रेस ने, फिर कम्युनिस्टों ने और अब टीएमसी ने अराजकता और गुंडागर्दी का अड्डा बना दिया है. कभी बंगाल की धरती से निकला “वंदे मातरम” भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था. यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है. इस उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए, क्योंकि टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है डबल इंजन की भाजपा सरकार और डबल इंजन की भाजपा सरकार का मतलब है, बंगाल में अब विकास शुरू होगा.
..ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉयपुर की पावन धरा वीरांगना लाबण्या प्रभा घोष के सुर और बलिदान की साक्षी है. यहां के कुम्हार और प्रजापति समुदाय की अथक मेहनत से निर्मित कलाकृतियां देशभर में प्रसिद्ध हैं, साथ ही खजूर रस की मिठास और विश्वविख्यात छाऊ नृत्य इस भूमि की सांस्कृतिक पहचान हैं. कुरमाली और संथाली संस्कृति की अपनापन व आत्मीयता जॉयपुर की असली ताकत है. यह वही पावन धरा है, जहां से नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी प्रणवानंद और खुदीराम बोस जैसी विभूतियां निकलीं. लेकिन आज टीएमसी के शासन में दुर्गा पूजा पर रोक, राम भक्तों पर अत्याचार, लव जिहाद-लैंड जिहाद, गौ-हत्या, माफिया राज, उद्योग-धंधों का बंद होना और 30 लाख नौजवानों की बेरोजगारी जैसी समस्याएं बंगाल को ग्रस्त कर रहीं हैं. एक समय देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन रहे बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और अब टीएमसी ने अराजकता का अड्डा बना दिया है. इसलिए यहां डबल इंजन की भाजपा सरकार की जरूरत है, ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो और विरासत का संरक्षण करते हुए बंगाल में फिर से विकास की नई यात्रा शुरू हो सके.
Advertisement
यह भी पढ़ें
अब यूपी की सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आज जो अराजकता, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की स्थिति है, यही स्थिति वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में थी. उस समय यूपी में पर्व-त्योहार से पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगा रहता था, लव जिहाद-लैंड जिहाद आम थे और गौ-हत्या सरेआम होती थी. लेकिन जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी, तो सब बदल गया. आज वहां उपद्रव नहीं, उत्सव है. 65 लाख गरीबों को आवास, करोड़ों शौचालय, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा, 16 करोड़ को राशन और 2 करोड़ को उज्ज्वला योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन मिले हैं. नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों के चेहरे पर खुशहाली और कुम्हार समुदाय को मुफ्त मिट्टी व सोलर चाक जैसी सुविधाएं दी गईं हैं. आज यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगे. सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से तेज आवाज नहीं आती. वहां अब एक ही नारा गूंजता है “न गौ माता को कटने देंगे, न हिंदुओं को बंटने देंगे”. हर जाति का हिंदू सुरक्षित और समृद्ध है. अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और प्रयागराज महाकुंभ ने विश्व को आयोजन की मिसाल दी है. यूपी का यह मॉडल साबित करता है कि डबल इंजन सरकार आने से विकास होता है और बंगाल में भी यही बदलाव लाना है.