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कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026: जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को नए आयाम देने की पहल
सरकार की लगातार कोशिशों और स्थानीय लोगों के हिम्मत वाले जज्बे की वजह से हालात जल्दी ही सुधर गए और पर्यटक फिर से घाटी में आने लगे. 2025 में जम्मू और कश्मीर में 1.77 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो इस क्षेत्र में व्यवस्थित विकास योजना के तहत टूरिज्म सेक्टर में लगातार वृद्धि को दर्शाता है. इनमें से 36,000 से अधिक पर्यटक विदेशी थे.
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार 14 और 15 अप्रैल को कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन कर रही है. इस इवेंट में देश के 20 से अधिक राज्यों से लगभग 250 स्टेकहोल्डर्स भाग लेंगे.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “जम्मू-कश्मीर टूरिज्म 14-15 अप्रैल को कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 होस्ट करने के लिए तैयार है, जिसमें देश भर के करीब 250 स्टेकहोल्डर्स हिस्सा लेंगे.”
पर्यटन के नए आयाम
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उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में क्राफ्ट सफारी, क्यूरेटेड डेस्टिनेशन टूर और बिजनेस-टू-बिजनेस एंगेजमेंट के माध्यम से कश्मीर के टूरिज्म की पूरी संभावनाओं को दिखाया जाएगा. इसके जरिए स्टेकहोल्डर्स कश्मीर की संस्कृति, हेरिटेज और गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी का अनुभव करेंगे. मुख्यमंत्री ने इसे टूरिज्म लिंक को मजबूत करने और कश्मीर को एक प्रीमियर ग्लोबल ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देने की बड़ी पहल बताया.
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पिछली चुनौतियों से सबक
उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर की टूरिज्म इंडस्ट्री की ताकत 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद सामने आई. इस हमले में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय टट्टू मालिक समेत 26 बेगुनाह लोगों की जान ले ली थी.
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इस घटना से टूरिज्म इंडस्ट्री को शुरुआती झटका लगा और पर्यटक घाटी से दूर रहने लगे. आतंकी हमले के एक महीने से अधिक समय बाद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में सुरक्षा की स्थिति को मजबूत करने के लिए 27 मई, 2025 को पहलगाम में एक विशेष कैबिनेट बैठक की. इस बैठक का उद्देश्य घाटी में सुरक्षा बढ़ाना और टूरिज्म को फिर से बढ़ावा देना था.
घाटी में हुए इस हमले ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चिंता और भय पैदा किया, लेकिन सरकार ने सुरक्षा उपायों और टूरिज्म प्रमोशन के जरिए विश्वास बहाल करने का प्रयास किया. कश्मीर ट्रैवल मार्ट-2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पर्यटन में वापसी
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सरकार की लगातार कोशिशों और स्थानीय लोगों के हिम्मत वाले जज्बे की वजह से हालात जल्दी ही सुधर गए और पर्यटक फिर से घाटी में आने लगे. 2025 में जम्मू और कश्मीर में 1.77 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो इस क्षेत्र में व्यवस्थित विकास योजना के तहत टूरिज्म सेक्टर में लगातार वृद्धि को दर्शाता है. इनमें से 36,000 से अधिक पर्यटक विदेशी थे.
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इस शानदार रिस्पॉन्स से उत्साहित होकर जम्मू और कश्मीर सरकार को उम्मीद है कि इस साल और अधिक पर्यटक आएंगे. इसके लिए सरकार नए डेस्टिनेशन खोल रही है और केंद्र शासित प्रदेश आने वाले लोगों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, परिवहन, यात्रा की सुविधाएं और अन्य जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है.