Advertisement
‘मैं 15 दिन तक बंगाल में ही रहने वाला हूं…’, अमित शाह ने ममता बनर्जी को दी सीधी चुनौती, सूबे का चढ़ा सियासी पारा
Bengal Elections 2026: अमित शाह ने बंगाल में 15 दिनों तक डेरा डालने का ऐलान कर ममता बनर्जी को सीधी चुनावी चुनौती दी है, जिससे राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है.
Advertisement
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य का सियासी पारा अपने चरम पर है. इस बार के चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच आर-पार की लड़ाई है. बीजेपी ममता सरकार को उखाड़ फेंकना चाहती है वहीं, सीएम ममता बनर्जी अपने वर्चस्व को बनाए रखना चाहती है. इस लिहाज से दोनों ही पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है.
अमित शाह के बयान से बंगाल में सियासी तुफान
नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के अवसर पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए एक बड़ी घोषणा की है, जिसके बाद बंगाल की सियासत और गरमा गई है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान कर दिया है कि वे आगामी 15 दिनों तक बंगाल में ही रहकर चुनावी कमान संभालेंगे.
Advertisement
गृह मंत्री अमित शाह ने क्या दिया बयान?
Advertisement
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कार्यकर्ताओं के बीच कहा, ‘मैं बंगाल चुनाव के मद्देनजर अगले 15 दिनों तक यहीं रहने वाला हूं. आज मेरा आगमन विशेष रूप से शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं. शुभेंदु की जीत बंगाल में परिवर्तन की नींव रखेगी’.
'इस बार पूरे बंगाल से होगा दीदी का सूपड़ा साफ'
Advertisement
ममता बनर्जी पर हमला करते हुए गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘पिछली बार नंदीग्राम से दीदी हार गईं थीं और इस बार वह भवानीपुर के साथ-साथ पूरे बंगाल को खो देंगी.’ उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी का नामांकन टीएमसी (TMC) के पतन की शुरूआत है. शाह ने हुंकार भरते हुए कहा कि नंदीग्राम एक बार फिर इतिहास रचेगा और ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर देगा.
'जनता की एक ही पुकार- ममता को बाय-बाय'
यह भी पढ़ें
अमित शाह ने अपने पश्चिम बंगाल दौरे का जिक्र करते हुए आगे कहा कि उन्होंने बंगाल के कोने-कोने में भ्रमण किया है और चारों तरफ केवल एक ही शोर है- ‘सरकार को विदा करो’, और ‘ममता बनर्जी को बाय-बाय’ कह दो. गृह मंत्री ने कहा कि लोग अब बदलाव चाहते हैं और मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं.