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अखिलेश यादव और आजम खान की 45 मिनट तक चली मुलाकात, यूपी चुनाव और गठबंधन पर क्या हुई बात?
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से करीब 45 मिनट मुलाकात की. अखिलेश ने इसे भावनात्मक रिश्ता बताते हुए कहा कि आजम ने कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि सुझाव दिए हैं.
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं. सत्ताधारी बीजेपी से लेकर विपक्षी समाजवादी पार्टी तक, सभी दल अपनी राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं. इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से मुलाकात की. करीब 45 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने इसे भावनात्मक रिश्ता बताया, लेकिन उनके रामपुर दौरे ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को भी जन्म दे दिया है.
45 मिनट तक हुई बातचीत
अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं. जेल से बाहर आने के बाद सपा अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आजम खान ने उनसे कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं. अखिलेश के मुताबिक, दोनों के बीच अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने आजम के सुझावों को सुना. आजम खान की सेहत को लेकर भी अखिलेश ने अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि आजम खान की तबीयत में सुधार हुआ है और वह उम्मीद करते हैं कि उन्हें जल्द न्याय मिले. सपा अध्यक्ष ने अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि आजम खान उनके दिल से जुड़े हैं और यह मुलाकात केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी प्रमुख दल सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में इस मुलाकात के राजनीतिक और भावनात्मक, दोनों पहलुओं पर चर्चा होना स्वाभाविक है.
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#WATCH | Rampur: After meeting with party leader Azam Khan in jail, Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav says, "BJP has a fundamentally antagonistic relationship, a complete mismatch, with knowledge and education... People in the BJP are effectively at zero in this regard. That is precisely why they align themselves with corrupt officials, as evidenced by the fact that they were ALSO recently caught stealing votes. Ever since 2022, the Samajwadi Party has been alleging that the Election Commission is in cahoots with the BJP. Today, it is becoming increasingly clear that the Election Commission is, in fact, directly colluding with the BJP." When asked if there are any discussions with Azam Khan regarding an alliance in view of upcoming UP assembly elections, he says, "I had a very long conversation with him... We received a substantial list concerning the elections from our alliance partners; I have brought that very list with me for this discussion." On Azam Khan's health, he says, "His health has improved, though the hardships of prison life will inevitably persist... I am actually on my way to see his family right now... They are like family, and this is certainly not the first time someone has reached out within that family circle..."
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 22, 2026Advertisement
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गठबंधन और चुनावी रणनीति पर क्या बोले सपा प्रमुख?
मीडिया ने जब अखिलेश यादव से पूछा कि क्या आजम खान के साथ आगामी विधानसभा चुनाव और गठबंधन को लेकर कोई बातचीत हुई है, तो उन्होंने बताया कि बातचीत काफी लंबी थी. उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों की ओर से चुनाव को लेकर एक लंबी सूची मिली है और वह उसी सूची को चर्चा के लिए अपने साथ लेकर आए थे. हालांकि, इस बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनी है या चुनाव को लेकर कोई ठोस फैसला लिया गया है. फिर भी, आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता से मुलाकात को समाजवादी पार्टी के संगठन और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मुलाकात के मायने तलाशे जा रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और स्थानीय स्तर पर उसकी गतिविधियों में इसका क्या असर दिखाई देता है.
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बीजेपी और चुनाव आयोग पर अखिलेश ने साधा निशाना
रामपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने शिक्षा और ज्ञान के मुद्दे पर सत्ताधारी दल की आलोचना की और आरोप लगाया कि बीजेपी भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर काम करती है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी पार्टी 2022 से चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाती रही है. हालांकि, ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए. उनके इस बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक भूमिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी अपनी राजनीति का हिस्सा बना सकती है.
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परिवार से भी की मुलाकात
रामपुर पहुंचने पर अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा. यहां आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनके बेटे अदीब और पार्टी के स्थानीय नेताओं ने उनका स्वागत किया. इसके बाद अखिलेश कार से जिला जेल पहुंचे और आजम खान से मुलाकात की. जेल में बातचीत के बाद सपा अध्यक्ष आजम खान के आवास पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने तंजीन फातिमा और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की. इस दौरान अखिलेश ने फर्जी मुकदमों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी. आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड मामले में सजा के बाद रामपुर जेल में बंद हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विशेष अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है और आजम खान ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है.
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क्या आजम खान से मुलाकात बदलेगी यूपी की सियासी तस्वीर?
अखिलेश यादव और आजम खान का रिश्ता समाजवादी पार्टी की राजनीति में लंबे समय से अहम रहा है. ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं की मुलाकात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हालांकि, केवल इस मुलाकात के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.
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बता दें कि अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में समाजवादी पार्टी अपने संगठन को किस तरह मजबूत करती है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है. फिलहाल, रामपुर की इस मुलाकात ने यूपी की सियासत में चर्चा जरूर तेज कर दी है.