'...नहीं तो हम भी सड़क पर उतरेंगे', मराठा आरक्षण पर आजाद मैदान में प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे पर भड़का हाई कोर्ट

मनोज जरांगे को कड़ी फटकार लगाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा था कि मंगलवार 3 बजे तक वह आजाद मैदान काली कर दें, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें. कोर्ट ने यहां तक कहा कि अगर 3 बजे तक प्रदर्शनकारी सड़कों और आजाद मैदान से हट नहीं जाते और हालात सामान्य नहीं होते तो उन्हें भी सड़क पर उतरना पड़ेगा.

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02 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
01:58 PM )
'...नहीं तो हम भी सड़क पर उतरेंगे', मराठा आरक्षण पर आजाद मैदान में प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे पर भड़का हाई कोर्ट

मराठा सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए उन्हें कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारी सड़कों और आजाद मैदान से हट नहीं जाते और हालात सामान्य नहीं होते तो उन्हें भी सड़क पर उतरना पड़ेगा. हाई कोर्ट ने कहा कि मनोज जरांगे ने हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है. बता दें कि मनोज जरांगे की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में माफी मांगी है और कहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं की वजह से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा.

कल दोपहर 1 बजे इस मामले की सुनवाई होगी

कार्यकारी मुख्या न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस आरती सेठे की बेंच ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल और उनके समर्थकों ने बिना इजाजत के ही आजाद मैदान पर कब्जा कर रखा है. उन्होंने कहा, स्थिति बहुत गंभीर है. सरकार से भी हम संतुष्ट नहीं हैं. सरकार की तरफ से भी कई गलतियां हुई हैं.

जरांगे की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील सतीश मानेशिंदे ने माफी मांगते हुए कहा कि पहले दिन से ही कार्यकर्ताओं को बताया गया था कि प्रदर्शन की वजह से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. बता दें कि जरांगे पांच दिनों से आजाद मैदान में अनशन कर रहे हैं. 

प्रदर्शन की वजह से जज को जाना पड़ा पैदल 

कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने हाई कोर्ट परिसर को भी घेर लिया था. इसके चलते एक जज को पैदल हाई कोर्ट पहुंचना पड़ा. इससे पहले सोमवार को ही हाई कोर्ट ने कहा था कि मंगलवार को तीन बजे तक प्रदर्शनकारी सड़कें खाली कर दें. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश को लागू करेंगे. इसके बाद ही पुलिस ने जरांगे को आजाद मैदान खाली करने का नोटिस जारी किया था.

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वहीं मनोज जरांगे पाटिल का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय को राज्य की राजधानी में प्रवेश करने से कोई नहीं रोक सकता.उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (आरक्षण आंदोलन के बारे में) मुंबई उच्च न्यायालय को गलत जानकारी दे रहे हैं और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा कि इस सप्ताहांत तक मराठा प्रदर्शनकारियों को मुंबई आने से कोई नहीं रोक सकता. जरांगे ने दावा किया, आपको पता ही नहीं चलेगा कि वे मुंबईकर हैं या मराठा. अगले सोमवार जो भी होगा, वह फडणवीस की गलती की वजह से होगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में मुख्यमंत्री के प्रति कोई कड़वाहट नहीं है.

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