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पाकिस्तान से फंडिंग, 14 से 15 सीक्रेट मीटिंग्स...बांदीपोरा में हत्थे चढ़ी इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन की संदिग्ध आतंकी
बांदीपोरा में पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन 'इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन' से जुड़े एक कथित गुप्त मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. बताया जा रहा है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा था. हैरानी की बात ये है कि एजेंसियों ने इस दौरान कई महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है.
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जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन से कनेक्शन के आरोप में 6 लोगों को दबोचा है. हैरानी की बात ये है कि इसमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं. खुफिया एजेंसियों को इन पर सीमापार फंडिंग का शक है.
बांदीपोरा में प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन का भंडाफोड़!
पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्धों के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि इनकी बांदीपोरा और आसपास के इलाकों में एक-दो नहीं, बल्कि करीब 14 से 15 सीक्रेट बैठकें हुई थीं. इनमें से 5 से 6 बैठकें बांदीपोरा-बारामूला रोड पर स्थित एक छोटे होटल में किए जाने का पता चला है.
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लाखों की संदिग्ध लेन-देन, 15 सीक्रेट मीटिंग्स!
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इतना ही नहीं एजेंसियों ने बीते एक साल से ज्यादा समय में करीब ₹7 से 8 लाख के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया है. इस मामले में UAPA की धारा 10 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसी कड़ी में पुलिस फंडिंग के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
जांच में जेल से कोऑर्डिनेशन, अलगाववादी विचारधारा को फैलाने के लिए गुप्त बैठकें और पैसों के लेन-देन जैसे संदिग्ध संबंध सामने आए हैं. इस मामले में, बांदीपोरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 168/2026 (धारा 10, 13 UA(P)A, 1967 - संशोधित) दर्ज की गई है. अब तक इस मामले में जिन लोगों गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं:
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1. मुबीना बानो, पुत्री गुलाम अहमद डार, निवासी दाचीगाम, बांदीपोरा
2. वहीद अहमद भट, पुत्र मोहम्मद मकबूल भट, निवासी भट मोहल्ला, कचलु काजीपोरा, हंदवाड़ा, जिला कुपवाड़ा
3. खुशबू जान, पुत्री अब्दुल रशीद शेख, निवासी चेक पंजिगाम, बांदीपोरा
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4. महक जान, पुत्री मोहम्मद सुल्तान शेख, निवासी चेक पंजिगाम, बांदीपोरा
5. आलिया जान, पुत्री अब्दुल रशीद शेख, निवासी चेक पंजिगाम, बांदीपोरा
6. इरफान अहमद रेशी उर्फ रईस, पुत्र गुलाम नबी रेशी, निवासी अननवान, हंदवाड़ा
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Bandipora, Jammu and Kashmir | Bandipora Police have uncovered an alleged clandestine module associated with the banned organization Ittihad-ul-Muslimeen, reportedly operating under the direction of a Pakistan-based handler. The investigation has revealed suspected links involving prison-based coordination, covert meetings to propagate separatist ideology, and financial transactions. In this connection, FIR No. 168/2026 U/S 10, 13 UA(P)A, 1967 (as amended) stands registered at P/S Bandipora, and the following persons have been arrested in the case so far: 1. Mubeena Bano D/O Gh Ahmad Dar R/o Dachigam Bandipora 2. Waheed Ahmad Bhat S/O Mohd Maqbool Bhat R/o Bhat Mohallah Kachloo Qazipora Handwara District Kupwara 3. Kushboo Jan D/O Ab Rashid Sheikh R/o Check Panzigam Bandipora. 4. Mehak Jan D/O Mohd Sultan Sheikh R/o Check Panzigam Bandipora 5. Aliya Jan D/O Ab Rashid Sheikh R/o Check Panzigam Bandipora. 6. Irfan Ahmed Reshi@Rayees S/O Gh Nabi Reshi R/O Ananwan Handwara.
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 24, 2026
कैसे हुआ माड्यूल का खुलासा?
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पुलिस को ये कामयाबी कुपवाड़ा के हंदवाड़ा निवासी वहीद अहमद भट की जांच के सिलसिले में मिली. उसे 2022 में एक सम्मेलन के बाद UAPA के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस ने खुलासा किया कि कुपवाड़ा जेल में रहने के दौरान भट ने पाकिस्तान में मौजूद बताए गए मंज़ूर अहमद शाह से दोबारा संपर्क किया. इसके बाद कथित नेटवर्क ने अपनी विचारधारा का प्रचार करने और समर्थन जुटाने के लिए बैठकें आयोजित कीं. जांच में पाया गया कि बांदीपोरा के डाचीगाम निवासी मुबीना बानो के J&K बैंक खाते में करीब 2.26 लाख रुपए जमा किए गए. बाकी रकम कथित तौर पर नकद पहुंचाई गई.
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रडार पर दो संदिग्ध कूरियर!
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पुलिस आगे भांडा फोड़ा कि इस रकम के कुछ हिस्से सहयोगियों में बांटा गया, जबकि कुछ का इस्तेमाल भट के इलाज के लिए किया गया. पुलिस के मुताबिक, जांच में एक धार्मिक उपदेशक और कुपवाड़ा के दो संदिग्ध कूरियर की भूमिका भी सामने आई है. उनकी भूमिका और पैसों के लेन-देन की पुष्टि की जा रही है. मामले की आगे जांच जारी है.