पहली बार बिहार से बनेगा BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नबीन ने किया नामांकन, निर्विरोध चुना जाना तय
नितिन नबीन का बीजेपी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय दिख रहा है. उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. नबीन के रूप में बीजेपी को पहली बार बिहार से कोई अध्यक्ष मिलने जा रहा है.
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भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और गडकरी जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार नबीन का अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाना तय है. वह कल अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण करेंगे.
इसी क्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात भाजपा के नेताओं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य नेताओं और राज्य यूनिट ने अपना समर्थन दिया. कई भाजपा मुख्यमंत्री, राज्य यूनिट के अध्यक्ष, सांसद और दूसरे वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जो इस मौके की अहमियत को दिखाता है.
भाजपा के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच जमा किए गए. पूरी चुनाव प्रक्रिया देश की राजधानी में पार्टी हेडक्वार्टर में होगी.
क्या है बीजेपी के अध्यक्ष के नामाकंन का कार्यक्रम?
शेड्यूल के अनुसार, नामांकन पेपर की जांच नामांकन फाइल करने की विंडो बंद होने के तुरंत बाद, शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी. उम्मीदवारों को शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नामांकन वापस लेने की इजाजत होगी. अगर नामांकन वापस लेने की अवधि के बाद एक से ज़्यादा वैध नामांकन बचते हैं, तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी.
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा उसी दिन की जाएगी. के. लक्ष्मण ने शुक्रवार को चुनाव की टाइमलाइन बताते हुए साफ किया कि वोटिंग तभी होगी जब जरूरी होगा. उन्होंने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी और उसी दिन नए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी." हांलाकि नबीन के निर्विरोध बीजेपी अध्यक्ष चुना जाना तय है.
कैसे होता है बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव?
आपको बता दें कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है, जिसमें पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के साथ-साथ राज्य परिषदों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं. पार्टी के संविधान में संगठन के सबसे बड़े पद के लिए उम्मीदवारों के लिए साफ योग्यता के नियम बताए गए हैं. एक उम्मीदवार को किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा प्रस्तावित किया जाना चाहिए. इसके अलावा, उम्मीदवार ने एक सक्रिय पार्टी सदस्य के तौर पर कम से कम चार कार्यकाल पूरे किए हों और भाजपा में कम से कम 15 साल की लगातार सदस्यता हो.
नड्डा को दिया गया था एक्सटेंशन!
फिलहाल, यह पद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के पास है. उन्होंने जून 2019 में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाला था और बाद में जनवरी 2020 में अमित शाह की जगह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर निर्विरोध चुने गए थे.
हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में, नितिन नबीन ने बांकीपुर से शानदार जीत हासिल की, और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 51,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराया. उनकी लगातार चुनावी सफलताओं ने पार्टी संगठन में उनकी हैसियत को और बढ़ाया है.
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