राहुल गांधी के बयान पर बृजभूषण सिंह का पलटवार, कहा - ‘कोई गंभीरता से नहीं लेता’

बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार चुनाव में सीटों को लेकर चल रही तनातनी पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में जब तक पर्चा दाखिला नहीं होता, तब तक पार्टियों में घमासान चलता रहेगा. उन्होंने बताया कि पर्चा दाखिला और पर्चा वापसी के बाद चुनाव शांतिपूर्वक होंगे.

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17 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:04 PM )
राहुल गांधी के बयान पर बृजभूषण सिंह का पलटवार, कहा - ‘कोई गंभीरता से नहीं लेता’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिकी राष्ट्रपति से जुड़े बयान पर भाजपा ने करारा जवाब दिया है. भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इसे आधारहीन बताया और कहा कि राहुल गांधी की बातें गंभीरता से लेने योग्य नहीं हैं.

बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि नेता प्रतिपक्ष को कोई गंभीरता से नहीं लेता. राहुल गांधी को यह नहीं पता कि कौन सा सवाल उठाना चाहिए और कौन सा नहीं. यह ज्ञान उनकी समझ से बाहर है.

बिहार चुनाव में सीटों को लेकर क्या बोले बृजभूषण सिंह

बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार चुनाव में सीटों को लेकर चल रही तनातनी पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में जब तक पर्चा दाखिला नहीं होता, तब तक पार्टियों में घमासान चलता रहेगा. उन्होंने बताया कि पर्चा दाखिला और पर्चा वापसी के बाद चुनाव शांतिपूर्वक होंगे.

उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर कोई विधायक बनने की इच्छा रखता है, लेकिन पार्टी एक निर्णय लेती है और उसकी सीमा होती है. इसी तरह की स्थिति में अंततः सारी चीजें समाप्त हो जाएंगी और चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी होगी.

उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर द्वारा बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा पर कहा कि उनका वहां भी कुछ है क्या?

कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के नारे बृजभूषण सिंह  बताया हास्यास्पद

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के नारे पर भी प्रतिक्रिया दी. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह नारा हास्यास्पद है. उन्होंने 1975 में लागू की गई इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने उस समय लाखों लोगों को जेल में बंद किया था.

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उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने चुनाव रद्द किया था, लेकिन इंदिरा गांधी दोबारा चुनाव में जा सकती थीं और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती थीं. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने इस देश में लोकतंत्र को अस्थायी रूप से रोकने की कोशिश की थी, वही आज नारे लगा रही है.

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