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सांस की सेहत का रखें ख्याल, धूल-धुएं से बचाव के साथ अपनाएं ये आसान उपाय
सांस और गले को आराम देने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है. बहुत ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी या हर्बल इन्फ्यूजन लिया जा सकता है. इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और गले में होने वाली सूखापन या खराश में कुछ राहत मिल सकती है.
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हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने में परेशानी नहीं पैदा करता, बल्कि सांस से जुड़ी दिक्कतों को भी बढ़ा सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या किसी दूसरी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषित हवा में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता और रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें सांस की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।
सांस की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हवा में मौजूद धूल, धुआं और बारीक कण सांस के साथ शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं। इससे कुछ लोगों में खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना, सांस लेने में परेशानी या घरघराहट जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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इसके अलावा, ईएनएसओ से जुड़ी सूखे की परिस्थितियां कुछ क्षेत्रों में जंगलों में आग और धूल भरी आंधियों का खतरा बढ़ा सकती हैं। इससे हवा में धुआं और पार्टिकुलेट प्रदूषण बढ़ने पर सांस की समस्याएं और परेशान कर सकती हैं। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए।
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दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी
सांस और गले को आराम देने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। बहुत ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी या हर्बल इन्फ्यूजन लिया जा सकता है। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और गले में होने वाली सूखापन या खराश में कुछ राहत मिल सकती है।
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ये उपाय लक्षणों में राहत देंगे
हल्की सर्दी-जुकाम या खांसी में कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय भी आजमाए जाते हैं। जैसे सूखी अदरक यानी सोंठ को गुड़ के साथ लेना, हल्दी वाला दूध या तुलसी के रस में शहद मिलाकर लेना। हालांकि, ये उपाय लक्षणों में राहत के लिए हो सकते हैं, किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हैं।
क्या करने से गले की परेशानी में राहत मिलेगी
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नाक बंद होने या गले में खराश जैसी परेशानी में भाप लेना कुछ लोगों को आराम दे सकता है। इसी तरह गुनगुने नमक या हल्दी वाले पानी से गरारे करने से गले की परेशानी में राहत मिल सकती है। भाप लेते समय बहुत गर्म पानी से जलने से बचें, खासकर बच्चों के मामले में।
योग भी मददगार होगा साबित
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सांस और शरीर को सक्रिय रखने के लिए योग भी मददगार हो सकता है। भुजंगासन और गोमुखासन जैसे आसनों को अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास में शामिल किया जा सकता है। इनके साथ नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम भी किए जा सकते हैं।लेकिन अगर सांस लेने में ज्यादा परेशानी, लगातार खांसी, सीने में दर्द, तेज घरघराहट या सांस फूलने जैसी समस्या हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें।