बांग्लादेश में किसके हाथ लगेगी सत्ता? 299 सीटों पर मतदान जारी, साथ में ऐतिहासिक रेफरेंडम पर भी होगा फैसला

बांग्लादेश में आज आम चुनाव हो रहा है. 18 महीने पहले छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार गिर गई थी और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी. अवामी लीग को चुनाव से बैन किया गया है और BNP आगे मानी जा रही है.

Social Media

बांग्लादेश में आज यानी गुरुवार को 13वां पार्लियामेंट्री चुनाव हो रहा है, जिसे देश के हालिया इतिहास का सबसे अहम चुनाव माना जा रहा है. करीब 18 महीने पहले स्टूडेंट्स की बगावत के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी. अवामी लीग के नेतृत्व वाली उस सरकार के हटने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी. अब जनता नए जनादेश के साथ-साथ 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर भी फैसला कर रही है.

12 करोड़ से अधिक मतदाता तय करेंगे अगली सरकार 

इस बार करीब 12.77 करोड़ यानी 127 मिलियन एलिजिबल नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनमें 6.48 करोड़ पुरुष, 6.28 करोड़ महिलाएं और 1,120 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं. संसद की कुल 300 सीटों पर मतदान हो रहा है और बहुमत का आंकड़ा 151 सीटों का है. इस चुनाव में लगभग 2000 से अधिक उम्मीदवार अपनी क़िस्मत को आजमा रहे है.  मतदान सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक हो रहा है. नतीजे 13 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. बता दें कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद यह पहला नेशनल इलेक्शन है. यही वजह है कि देशभर में चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. राजधानी ढाका सहित कई शहरों में वोटिंग सेंटरों पर लंबी कतारें नजर आईं.

BNP बनाम जमात-ए-इस्लामी अलायंस के बीच सीधी टक्कर

इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले अलायंस के बीच माना जा रहा है. अवामी लीग को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं. 17 साल बाद देश लौटे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय बेटे तारिक रहमान को इस चुनाव में सबसे आगे माना जा रहा है. उन्होंने नौकरियां देने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और बोलने की आजादी की गारंटी जैसे वादों के जरिए जनता को आकर्षित करने की कोशिश की है.

वोटरों में दिख रहा उत्साह

मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले ज़्यादातर लोगों का कहना है कि 'हम बहुत उत्साहित हैं क्योंकि हम पिछले 17 या 18 साल से वोट नहीं दे पाए हैं. हम इस चुनाव में सही उम्मीदवार चुनना चाहते हैं. माहौल अच्छा है और सुरक्षा के इंतजाम मजबूत हैं.' यह बयान देश में लोकतंत्र को लेकर लोगों की उम्मीदों को दिखाता है.

पहली बार 8 लाख प्रवासी भी करेंगे मतदान

इस चुनाव की एक और खास बात है कि पहली बार इलेक्शन कमीशन के साथ रजिस्टर्ड करीब 8 लाख प्रवासी बांग्लादेशी IT-इनेबल्ड पोस्टल बैलेट सिस्टम के जरिए वोट डाल रहे हैं. यह कदम चुनावी प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

शेख हसीना के बेटे ने किया बॉयकॉट का आह्वान

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने चुनावों को गैर-कानूनी बताते हुए वोटरों से बॉयकॉट की अपील की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि मौजूदा व्यवस्था में कट्टरपंथियों को रिहा किया गया है और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं. हालांकि अंतरिम सरकार और चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बताया है.

चुनाव के दिन मुहम्मद यूनुस ने क्या कहा? 

अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने कहा, 'यह चुनाव सिर्फ एक और रूटीन वोट नहीं है. लंबे समय से चले आ रहे गुस्से, असमानता और अन्याय के खिलाफ जो जनजागरण हुआ है, वह अब संवैधानिक रूप ले रहा है.' उनका यह बयान साफ करता है कि यह चुनाव राजनीतिक बदलाव से कहीं ज्यादा व्यापक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है.

जुलाई चार्टर पर भी जनमत

नई सरकार चुनने के साथ-साथ वोटर जुलाई चार्टर पर भी रेफरेंडम के जरिए फैसला कर रहे हैं. यह एक प्रस्तावित संवैधानिक सुधार पैकेज है, जिसका उद्देश्य एग्जीक्यूटिव ताकतों को फिर से परिभाषित करना और अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को मजबूत करना है. यदि इसे मंजूरी मिलती है तो अगली सरकार को संविधान और डेमोक्रेटिक सिस्टम में बड़े बदलाव करने का अधिकार मिलेगा. कई जानकार मानते हैं कि यह चार्टर बांग्लादेश की राजनीतिक संरचना को नई दिशा दे सकता है.

क्या बदलेगा बांग्लादेश का भविष्य?

आज का मतदान केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है. छात्र आंदोलन से शुरू हुआ बदलाव अब मतदान तक पहुंच चुका है. जनता के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि बांग्लादेश स्थिरता, सुधार और लोकतांत्रिक मजबूती की ओर बढ़ेगा या फिर राजनीतिक टकराव का दौर जारी रहेगा. गौरतलब है कि अब सबकी निगाहें 13 फरवरी के नतीजों पर टिकी हैं. यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नई कहानी लिख सकता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE