विरोध या सपोर्ट? हाथ बांधे खड़ीं रहीं खिलाड़ी, मुस्कुराईं कोच, एशियन कप में ईरानी फुटबॉल टीम ने नहीं गाया राष्ट्रगान

एशियन कप के मुकाबले में जैसे ही ईरानी महिला टीम मैदान में पहुंची, माहौल गंभीर और असमंजस का हो गया. महिला टीम ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी चर्चा मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह हुई. देखें Viral Video

Iran women's National Football Team: इजरायल-अमेरिका के हमलों से ईरान घिरा हुआ है. इजरायली सेना ने ईरान के बेरूत और तेहरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान में कहीं जश्न तो कहीं मातम मनाया जा रहा है. इस बीच ईरानी महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया में एशियाई महिला फुटबॉल कप के उद्घाटन मैच में अपना राष्ट्रगान नहीं गाया. 

एशियन कप के उद्घाटन मुकाबले में जैसे ही ईरानी महिला टीम मैदान में पहुंची, माहौल गंभीर और असमंजस का हो गया. महिला टीम ने कुछ ऐसा कर दिया जिसकी चर्चा मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह हुई. महिला टीम ने ईरान का राष्ट्रगान ‘Mehr-e Khavaran’ नहीं गया. इस दौरान खिलाड़ी कतारबद्ध होकर सामने देखते रहे लेकिन किसी ने होठ नहीं हिलाए. हैरानी की बात ये है कि टीम की कोच मुस्कुराती हुईं नजर आईं. 

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वीडियो में देख सकते हैं ईरानी टीम की खिलाड़ियों ने चुप्पी साध रखी है. वहीं, कोच मारजियेह जाफरी राष्ट्रगान के दौरान हाथ बांधकर खड़ी रहीं और अपनी खिलाड़ियों को देखकर मुस्कुराती रहीं. 
ईरानी टीम के इस कदम को अमेरिका-इजराइल हमलों और ईरान के नेताओं की मौत पर मौन विरोध माना जा रहा है. 

खामेनेई की मौत पर टिप्पणी से इंकार 

इस मामले में मीडिया ने महिला टीम से रिएक्शन चाहे तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. टीम की कप्तान जहरा घानबरी और कोच ने भी अली खामेनेई की मौत पर टिप्पणी से इंकार कर दिया. 

मौन विरोध या मौन समर्थन? 

इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट भयंकर तनाव से गुजर रहा है. अली खामेनेई की मौत ने ईरान समेत अन्य देशों में मुस्लिम समुदाय के लोग मातम मना रहे हैं वहीं खिलाड़ियों का ईरान के इस्लामी राष्ट्रगान का बायकॉट करना और चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. 

लोग Video में यह भी नोटिस कर रहे हैं कि खिलाड़ियों के बाजू में इजरायल-अमेरिका के विरोध में काली पट्टी भी नहीं बंधी थी. लोग अपने-अपने हिसाब से इसके मायने निकाल रहे हैं. कुछ इसे ईरानी खिलाड़ियों का इजरायल के खिलाफ मौन विरोध मान रहे हैं. तो कुछ कार्रवाई का मौन समर्थन मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर नैरेटिव चल रहे हैं कि महिला खिलाड़ी खामेनेई के इस्लामी औब बंदिश वाले शासन से मुक्ति पर खुश हैं. 

हालांकि इस थ्योरी को भी पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता है. क्योंकि कहा जा रहा है कि खामेनई की मौत के विरोध में राष्ट्रीय गान नहीं बजा. दावा ये भी है कि ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक है इसलिए भी राष्ट्रगान नहीं चलाया गया, लेकिन ऐसा होता तो ईरान की महिला टीम मुकाबले में उतरती ही नहीं. या फिर पूरी टीम जनता के साथ इस मुश्किल घड़ी में साथ खड़ी होने का संदेश दे रही है. 

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ईरान में पिछले चार दिनों से जंग जारी है. 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान में जोरदार हमले किए. जिसमें सर्वौच्च नेता अली खामेनेई, सेना के टॉप कमांडर और कई टॉप लीडर्स मारे गए. इन चार दिनों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है. इजरायल-अमेरिका के हमले में 4 दिन में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. ईरान के करीब 153 शहर जंग से प्रभावित हुए हैं. इजरायल ने अमेरिका के साथ ईरान पर कुल 1039 हमले किए हैं. ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसायटी ने ये जानकारी दी है. 

ईरान के जवाबी हमले 

ईरान ने जवाब में इजरायल, UAE, दुबई, बहरीन, कतर, कुवैत, जॉर्डन, सऊदी अरब समेत 8 देशों पर हमला किया. मिडिल ईस्ट में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बेस को निशाना बनाया. 

 

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