डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान बात करना चाहता था, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी

रविवार को, ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के नेताओं के कहने पर उनसे “बात करेंगे." 28 फरवरी से शुरू किए इस हवाई स्ट्राइक को उन्होंने जारी रखा और ईरानियों से सरकार गिराने की अपील भी की.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया है कि ईरान उनसे बातचीत करने को राजी था, लेकिन उन्होंने उनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया. ट्रूथ की एक छोटी सी पोस्ट के जरिए ट्रंप ने ये बड़ा सा बयान दिया.

ट्रंप का दावा है ईरान बात करना चाहता था

वाशिंगटन पोस्ट के एक लेख को टैग करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने लिखा, ईरान की सेना और लीडरशिप “खत्म” हो चुकी हैं और ईरान से बातचीत करने के लिए “बहुत देर हो चुकी है."

ट्रंप ने वॉशिंगटन पोस्ट के एक संपादकीय के जवाब में लिखा. इस संपादकीय में ईरान पर हमला करने के उनके फैसले की तारीफ की गई थी. ट्रंप ने अपनी प्रशंसा करते हुए लिखा, “उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुकी है. वे बात करना चाहते हैं. मैंने कहा, ‘बहुत देर हो चुकी है!'"

पहले कहा था-बात करेंगे

रविवार को, ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के नेताओं के कहने पर उनसे “बात करेंगे." 28 फरवरी से शुरू किए इस हवाई स्ट्राइक को उन्होंने जारी रखा और ईरानियों से सरकार गिराने की अपील भी की.

ईरान का साफ इनकार

उन्होंने ये बयान दोबारा दिया है जबकि एक दिन पहले ही ईरान इससे साफतौर पर पल्ला झाड़ चुका है. ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि शांति स्थापित करने को लेकर उनकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है. स्थानीय मीडिया एजेंसी तस्नीम ने उनका ये बयान प्रकाशित किया.

पश्चिमी मीडिया में तेहरान की वॉशिंगटन से बातचीत के अनुरोध का दावा करने वाली रिपोर्ट को लेकर, लारीजानी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा.

ओमान के जरिए बातचीत की खबर

सोमवार सुबह, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि लारीजानी ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का प्लान ओमानी पक्ष को भेज दिया है. उन्होंने एक्स पर भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 'भ्रम' ने मिडिल ईस्ट को अफरा-तफरी में डाल दिया है.

वहीं, अटलांटिक मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा, "ईरान की नई लीडरशिप उनसे बात करना चाहती है और वह मान गए हैं. लेकिन उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था. उन्हें वह देना चाहिए था जो बहुत प्रैक्टिकल और आसान था. उन्होंने बहुत देर कर दी."

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