Holi 2026: होली पर जबरदस्ती रंग लगाने वालों की खैर नहीं, ये कानून देगा आपको सुरक्षा
Holi Safety Law: “बुरा न मानो होली है” कहकर किसी को छेड़ना, रंग लगाना या गले लगाना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. इस मामले में भारतीय कानून महिलाओं और पुरुषों दोनों की सुरक्षा करता है और उनके सम्मान की रक्षा करता है.
Holi 2026: होली का त्योहार खुशियों और रंगों का होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ लोग दूसरों की इच्छा के बिना जबरदस्ती रंग लगाने की कोशिश कर देते हैं. ऐसा करना न सिर्फ गलत है, बल्कि कानून के तहत अपराध भी माना जाता है. “बुरा न मानो होली है” कहकर किसी को छेड़ना, रंग लगाना या गले लगाना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. इस मामले में भारतीय कानून महिलाओं और पुरुषों दोनों की सुरक्षा करता है और उनके सम्मान की रक्षा करता है.
अपनी सहमति का अधिकार
हर व्यक्ति, खासकर महिलाएं और युवतियां, यह तय करने का अधिकार रखती हैं कि उन्हें रंग लगाना है या नहीं. किसी की मना करने के बावजूद अगर कोई रंग लगाने की कोशिश करता है, पीछा करता है या छेड़छाड़ करता है, तो यह अपराध बन जाता है. ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
BNS धारा 74 - जबरन रंग लगाना या छूना
धारा 74 के तहत किसी महिला को उसकी इच्छा के बिना छूना, गले लगाना या जबरन रंग लगाना अपराध माना जाता ह.होली के बहाने भी यदि कोई ऐसा करता है तो यह सीधा अपराध है.. इसके लिए आरोपी को 1 साल से 5 साल तक जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. पहले इसे धारा 354 के तहत दर्ज किया जाता था, लेकिन अब धारा 74 सीधे लागू होती है.
BNS धारा 75 - यौन उत्पीड़न
धारा 75 के अनुसार बिना सहमति किसी महिला को छूना, अश्लील इशारे करना या कोई अभद्र हरकत करना यौन उत्पीड़न के तहत आता है. होली के मौके पर यदि कोई पास आने की कोशिश करता है या अश्लील हरकत करता है, तो यह अपराध माना जाएगा. इसके लिए आरोपी को 3 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं.
BNS धारा 79 - लज्जा भंग करना
धारा 79 के तहत किसी महिला की लज्जा भंग करने का इरादा रखने वाले शब्द, इशारे या कृत्य अपराध हैं. होली पर अभद्र टिप्पणियां करना, गंदे इशारे करना या किसी महिला को परेशान करना इस धारा में आता है. ऐसे अपराध के लिए 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
BNS धारा 115 (2) – चोट पहुंचाना
धारा 115 (2) कहती है कि किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाना, धक्का देना या रंगों से नुकसान पहुंचाना अपराध है. अगर कोई केमिकल वाले रंग से जलन या चोट करता है, तो यह धारा लागू होती है. इस अपराध में 1 साल तक जेल या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है.
BNS धारा 270 – सार्वजनिक उपद्रव
धारा 270 के तहत सार्वजनिक जगह पर उपद्रव करना अपराध है. होली पर सड़कों पर हंगामा करना, जोर-जबरदस्ती पानी या रंग फेंकना, लोगों का रास्ता रोकना - यह सभी सार्वजनिक उपद्रव में आते हैं. कानून के अनुसार ऐसे मामलों में जुर्माना लगाया जा सकता है.
होली पर सुरक्षा की सावधानियां
- किसी को बिना सहमति के रंग लगाने का अधिकार नहीं है.
- मजाक या “होली है” कहकर अपराध को सही नहीं ठहराया जा सकता.
- शिकायत मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है.
- अपराध के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी भी तुरंत संभव है.
- होली का आनंद तभी सुरक्षित और खुशी भरा होगा जब हम दूसरों की सहमति और निजता का सम्मान करेंगे. कानून आपकी सुरक्षा करता है,
- इसलिए जरूरत पड़ने पर किसी भी तरह की जबरदस्ती या छेड़छाड़ की घटना की रिपोर्ट जरूर करें.
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