सड़क, मेट्रो और उद्योग, हर मोर्चे पर गुरुग्राम को मिलेगी नई रफ्तार, हरियाणा सरकार का बड़ा दांव

Haryana: नमो भारत कॉरिडोर बनाने की बात ने लोगों का ध्यान खींचा है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट भाषण के दौरान इस परियोजना का उल्लेख किया, जिससे साफ है कि सरकार इसे तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है.

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Budget 2026: हरियाणा सरकार के नए बजट से साइबर सिटी यानी गुरुग्राम के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. बजट में शहर और आसपास के इलाकों को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं का जिक्र किया गया है. खासतौर पर दिल्ली से बावल तक नमो भारत कॉरिडोर बनाने की बात ने लोगों का ध्यान खींचा है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट भाषण के दौरान इस परियोजना का उल्लेख किया, जिससे साफ है कि सरकार इसे तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है.

नमो भारत कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर

दिल्ली से बावल तक बनने वाला नमो भारत कॉरिडोर सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के विकास का आधार बनेगा. इससे गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी. नए उद्योग लगेंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
साथ ही, बेहतर सार्वजनिक परिवहन से ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी. शहर में आने-जाने में आसानी होगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और जीवन स्तर बेहतर होगा.

सड़क और बाईपास परियोजनाओं से होगा विस्तार

गुरुग्राम-पटौदी रोड पर हरसरु बाईपास से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक छह-लेन सड़क बनाने की योजना है. इसके अलावा फरुखनगर बाईपास का निर्माण भी प्रस्तावित है. इन सड़कों के बनने से शहर का विस्तार तेजी से होगा और नए रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे.
आने वाले समय में शहर के अंदर कई नए छोटे-छोटे शहर बसते दिखाई दे सकते हैं.

उद्योगों के लिए नई पहल

बजट में गुरुग्राम और मानेसर में कॉमन इंडस्ट्रियल सेक्रेटेरिएट बनाने का प्रस्ताव है. इससे उद्योगों से जुड़े कामकाज को आसान बनाया जाएगा. साथ ही उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की बात भी की गई है, जिससे उद्यमियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
एक अलग बिजली वितरण निगम बनाने की भी योजना है, जो कृषि क्षेत्र के लिए अलग से काम करेगा. इससे मौजूदा बिजली निगमों पर दबाव कम होगा और वे उद्योगों को बेहतर सेवा दे पाएंगे.
हालांकि कई उद्योग संगठनों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों की पुरानी और जर्जर अवसंरचना को मजबूत करने पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उद्योग प्रदेश के राजस्व का बड़ा हिस्सा देते हैं.

महिलाओं के लिए बनेगा ‘नारी मंडपम’

महिलाओं को आत्मनिर्भर और कुशल बनाने के लिए साइबर सिटी में ‘नारी मंडपम’ स्थापित किया जाएगा. यहां महिलाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों की सुविधा मिलेगी.
गुरुग्राम में अलग-अलग क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों की मांग लगातार बढ़ रही है ऐसे में नारी मंडपम महिलाओं को उद्योगों और अन्य क्षेत्रों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित करेगा. इससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.

स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर भी फोकस

बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी घोषणाएं की गई हैं. हरसरु, कादीपुर और वजीराबाद में नई ईएसआई डिस्पेंसरी खोलने की योजना है. मानेसर के ईएसआईसी अस्पताल को 200 बिस्तरों वाला बनाकर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की भी बात कही गई है.
साथ ही सदर्न पेरिफेरल रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर, क्लोवर लीफ और कई फ्लाईओवर बनाने की योजना है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा.

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है. उद्योग, अनुसंधान, हरित ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देकर सरकार लंबे समय के विकास की योजना बना रही है.
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यदि बजट में घोषित योजनाओं को समय पर और सही तरीके से लागू किया गया, तभी साइबर सिटी की तस्वीर पूरी तरह बदलेगी. यह बजट विकास की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल सकता है.

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