UP में युवाओं को योगी सरकार का उपहार, 32678 पदों पर होगी भर्ती… लेकिन उम्र सीमा पर छात्रों ने काटा बवाल
नए साल में योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को नौकरी का उपहार दिया है, लेकिन सामान्य वर्ग के छात्रों ने उम्र की सीमा को लेकर बवाल काट दिया है. सरकार से 3 साल की एज लिमिट में छूट की माँग कर रहे हैं.
नए साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश की सरकार ने सूबे के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. इस ऐलान तहत प्रदेश की सरकार ने लाखों युवाओं को पुलिस में भर्ती करने का फैसला किया है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के लिए नोटिफेकेशन जारी कर दी है. इसके तहत कुल 32679 पदों पर सिपाही और समकक्ष पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से शुरु हो चुकी है और 30 जनवरी 2026 तक होनी है. लेकिन इस भर्ती के ऐलान के साथ ही एक विवाद शुरू हो गया है. दरअसल, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने उम्र की सीमा को लेकर विरोध शुरु कर दिया है और वे 3 साल की एज लिमिट में छूट की माँग कर रहे हैं.
सामान्य वर्ग के छात्रों की क्या है मांग?
दरअसल विज्ञापन के मुताबिक़, आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए उम्र की सीमा 18 से 27 साल तक तय की गई है, वहीं सामान्य छात्रों के लिए ये सीमा 18 से 22 साल तक है. सामान्य वर्ग के छात्र इसी उम्र सीमा को लेकर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिस भर्तियों में लगातार देरी की वजह से कई योग्य उम्मीदवार ओवरएज हो चुके हैं. इसलिए उनकी सरकार से माँग है कि कम से कम तीन साल की एज में छूट दी जानी चाहिए.
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस भर्ती को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को घेरता हुए कहा कि, ‘भाजपा सरकार की खामियों के कारण अनियमित हुई पुलिस भर्ती और उसकी वजह से ओवरएज हो गए अभ्यर्थियों को उम्र की छूट देकर उत्तर प्रदेश सरकार नव वर्ष का तोहफा दे. भाजपा सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का खामियाजा बेरोजगार युवा क्यों भुगतें. हम पुलिस भर्ती के हर अभ्यर्थी की माँग के साथ हैं. युवाओं का भविष्य ही देश का भविष्य है.’
BJP के भीतर भी उठी मांग
सामान्य छात्रों के लिए उम्र की सीमा बढ़ाए जाने का बीजेपी के भीतर भी आवाज़ उठने लगी है. देवरिया से बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उम्र की सीमा को 3 साल तक बढ़ाए जाने की माँग की है, और पत्र में मानवीय आधार पर आधार पर निर्णय लेने की अपील की है.
क्या सरकार के पास है कोई दूसरा विकल्प?
हालांकि सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ और सिर्फ नियमावली का पालन ही किया है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आयु सीमा में बदलाव करना प्रदेश सरकार के लिए बड़ा प्रशासनिक और कानूनी चुनौती का सामना करने जैसा हो सकता है. हालांकि आपको बता दें कि पहले भी कुछ भर्तियों में आयु सीमा को लेकर बदलाव किए जा चुके हैं.
32679 पदों पर होनी है भर्ती
यूपीपीआरपीबी के अनुसार कुल 32679 पदों पर भर्ती होने वाली है. इस भर्ती में अलग-अलग कैटेगरी के पद शामिल किए गए हैं. इनमें कॉन्स्टेबल (सिविल पुलिस), कॉन्स्टेबल पीएसी/आर्म्ड पुलिस, कॉन्स्टेबल स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, महिला बटालियन के लिए महिला कॉन्स्टेबल, जेल वार्डर समेत दूसरे समकक्ष पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी.
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