Akhilesh ने बुल्डोजर पर उठाए सवाल तो योगी बोले- जिसमें बुल्डोजर जैसा दम हो वही बुल्डोजर चला सकता है

बुल्डोजर पर छिड़ गई अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ में जंग, अखिलेश ने की बुल्डोजर की स्टीयरिंग बदलने की बात तो भड़के योगी बोले बुल्डोजर चलाने के लिए भी जिगरा चाहिए।

देश के दूसरे राज्यों में भले ही गुंडों, बदमाशों और माफियाओं को दबोचकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाता हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में गुंडों, बदमाशों और माफियाओं का इलाज एक अलग अंदाज में किया जाता है। यहां गुंडों, बदमाशों और माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के साथ-साथ उनके अवैध साम्राज्य को मिट्टी में मिलाने का काम भी किया जाता है। और इस काम को अंजाम देता है—बाबा का बुलडोजर।जिस बुलडोजर ने सपाई मोईद खान जैसे रेप के आरोपी और मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफियाओं की अवैध संपत्तियों को मिट्टी में मिलाने का काम किया।

बुल्डोजर पर भिड़ गये अखिलेश और योगी

अब उसी बुलडोजर की दहाड़ से सपाई मुखिया अखिलेश यादव बुरी तरह चिढ़ गये हैं। इसीलिए उन्होंने सीधे योगी को चैलेंज देते हुए कह दिया:

"2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया होगा और देश की राजनीति उसके चुनावी परिणाम से प्रभावित होगी। भाजपा की सरकार में निर्दोष लोगों को सताया जा रहा है, किसान परेशान है, नौजवानों का भविष्य अंधकारमय है, समाज का हर वर्ग परेशान और बदहाल है। 2027 में समाजवादी सरकार बनते ही पूरे प्रदेश के बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा।"

राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते वक्त सीएम योगी के गोरखपुर को बुलडोजर की धमकी देने वाले अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि—"बुलडोजर में दिमाग नहीं होता, स्टीयरिंग होती है। उत्तर प्रदेश की जनता कब किसकी स्टीयरिंग बदल दे, या दिल्ली वाले कब किसका स्टीयरिंग बदल दें, कह नहीं सकते।"

बुलडोजर पर छिड़ी जंग के बीच, जब अखिलेश यादव ने स्टीयरिंग बदलने की बात करके सीधे योगी की कुर्सी बदलने पर तंज मारा, तो सीएम योगी भी पलटवार के मूड में आ गये। बुधवार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान, सपाई मुखिया अखिलेश यादव को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि—"बुलडोजर चलाने के लिए दिल और दिमाग दोनों चाहिए। उस पर सबका हाथ सेट नहीं हो सकता है। बुलडोजर जैसी क्षमता और दृढ़ प्रतिज्ञा जिसमें हो, वही बुलडोजर चला सकता है।"

बुलडोजर को लेकर सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच इससे पहले शायद ही कभी इतनी बहस छिड़ी हो, जितनी इस वक्त छिड़ी है। यह बहस इसलिये छिड़ी है क्योंकि कुछ ही दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि—

"सिर्फ आरोपी होने के आधार पर किसी के घर को गिराना उचित नहीं है। अदालत ने शासन और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोषी भी है, तो भी उसके घर को गिराया नहीं जा सकता।"

बुलडोजर पर सुप्रीम कोर्ट की इसी टिप्पणी के बाद सपाई मुखिया अखिलेश यादव बुलडोजर एक्शन पर कुछ ज्यादा ही योगी सरकार को घेरने लगे। और धमकी देते हुए यहां तक कह दिया कि साल 2027 में सपा सरकार बनेगी तो सभी बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा। उनकी इस धमकी पर सीएम योगी ने जिस तरह से पलटवार करते हुए कहा है कि बुलडोजर पर सबका हाथ सेट नहीं हो सकता, और बुलडोजर जैसी क्षमता और दृढ़ प्रतिज्ञा जिसमें हो, वही बुलडोजर चला सकता है, उसने स्थिति को और भी दिलचस्प बना दिया है।

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